*अर्जुन झा*
*जगदलपुर।* बस्तर की जीवनदायिनी इंद्रावती नदी के अस्तित्व को लेकर भले ही सियासी संग्राम गाहे बगाहे छिड़ते रहता हो, मगर एक बात जरूर है कि इस नदी में आज भी मगरमच्छों और अन्य जल जीवों का अस्तित्व आज भी सुरक्षित है। बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा जिले के ग्राम मुस्तलनार के कुछ ग्रामीण जब स्नान के लिए गांव से गुजरने वाली इंद्रावती नदी के तट पर पहुंचे तो दृश्य देखकर सकते में आ गए। एक विशाल मगरमच्छ नदी के तट पर आराम फरमाता नजर आया।गनीमत रही समय रहते लोगों ने इसे देख लिया था अन्यथा कुछ अनहोनी की आशंका थी। इस दरम्यान ग्रामीणों ने मगरमच्छ का वीडियो भी बनाया ।
उल्लेखनीय है कि मगरमच्छ ऐसा जीव है जो जल और थल दोनों में जीवित रह सकता है।मगरमच्छ को जल में सबसे शक्तिशाली माना जाता है और उस पर कहावत भी प्रसिद्ध है। बहरहाल, मुस्तलनार सहित आसपास के गांवों में इस बात की बड़ी चर्चा है। सभी गांवों के वरिष्ठ जन, सरपंच ग्रामीणों को सतर्कता के साथ नदी में जाने, स्नानादि करने की सलाह दे रहें हैं। हालांकि ग्रामीण बताते हैं मगरमच्छ बहुत कम बाहर आते हैं। वे काफी देर तक पानी में रहने और पेट भर जाने के बाद भोजन को पचाने के लिए तट पर आते हैं, धूप सेंकते हैं। लेकिन सावधानी
फिर भी अपरिहार्य होती है।
