गरियाबंद, 05 जनवरी।
गरियाबंद जिले में स्वीकृत सैनिक स्कूल के लिए राजिम क्षेत्र में कथित तौर पर गुपचुप तरीके से स्थल आबंटन की प्रक्रिया शुरू किए जाने पर शिक्षा विभाग के खिलाफ गुस्सा फूट पड़ा है। इस मुद्दे पर वरिष्ठ भाजपा नेता एवं भाजपा सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक मुरलीधर सिन्हा ने जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें पक्षपाती और जनता को गुमराह करने वाला करार दिया है। उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसे अधिकारी को प्रतीकात्मक रूप से “गधे पर बिठाकर घुमाया जाना चाहिए।”
फिंगेश्वर में कृषि महाविद्यालय भवन स्थल को लेकर चल रहे विवाद के बीच अब सैनिक स्कूल के लिए भूमि चयन प्रक्रिया पर भी बहस तेज हो गई है। आरोप है कि सैनिक स्कूल के लिए जिले में उपलब्ध उपयुक्त स्थलों की तलाश हेतु शिक्षा विभाग को गरियाबंद जिले के पांचों अनुविभागों के एसडीएम को पत्र लिखना था, लेकिन डीईओ ने ऐसा न करते हुए केवल राजिम एसडीएम को पत्र भेजकर राजिम क्षेत्र के आसपास 70 एकड़ भूमि की मांग कर दी। इसे प्रभावशाली नेताओं के दबाव में लिया गया एकतरफा फैसला बताया जा रहा है।
भाजपा नेता मुरलीधर सिन्हा ने जारी बयान में कहा कि गरियाबंद जिला स्थापना के 13 वर्षों बाद सैनिक स्कूल की स्वीकृति जिले के लिए सबसे बड़ा उपहार है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021-22 में केंद्र सरकार के बजट में 100 नए सैनिक स्कूल खोलने की घोषणा के बाद उन्होंने तत्कालीन बिन्द्रानवागढ़ विधायक डमरूधर पुजारी के साथ मिलकर गरियाबंद में सैनिक स्कूल खोलने के लिए पहल की थी।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में तत्कालीन प्रतिपक्ष नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, तत्कालीन केंद्रीय राज्य मंत्री रेणुका सिंह चौधरी और सांसद चुन्नीलाल साहू को निवेदन पत्र सौंपे गए थे। डॉ. रमन सिंह द्वारा केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को लिखे पत्र को वे स्वयं दिल्ली लेकर गए और रक्षा मंत्री के कार्यालय में जमा कराया, जिसके बाद सैनिक स्कूल की स्वीकृति मिली।
मुरलीधर सिन्हा ने आरोप लगाया कि स्वीकृति मिलने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने उच्च अधिकारियों को गलत जानकारी भेजी और जिला कलेक्टर को भी पूरे मामले से अवगत कराना जरूरी नहीं समझा। उन्होंने कहा कि यह गरियाबंद जिले का दुर्भाग्य है कि इतनी महत्वपूर्ण स्वीकृति मिलने के बावजूद अधिकारी मनमानी कर रहे हैं और जनता की सुविधा को नजरअंदाज किया जा रहा है।
वहीं इस पूरे मामले पर जिला शिक्षा अधिकारी जगजीत सिंह धीर ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने आज जिले के सभी पांचों अनुविभागों के एसडीएम को पत्र लिखकर संभावित स्थल की जानकारी मंगाई है। अब प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर आगे की प्रक्रिया की जाएगी।
सैनिक स्कूल के लिए भूमि चयन को लेकर उठा यह विवाद फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।
