*अर्जुन झा*
*जगदलपुर।* नए साल का आगाज छत्तीसगढ़ सहित देश के तमाम नक्सल प्रभावित राज्यों और खासकर बस्तर संभाग के लिए बड़ी उपलब्धियों वाला साबित हुआ है। उधर मोस्ट वांटेड नक्सली लीडर बारसे देवा ने आज ही तेलंगाना में करीब 40 नक्सलियों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया और इधर बस्तर संभाग में आज ही सुरक्षा बलों ने 14 नक्सली मार गिराए हैं। नव वर्ष में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘संकल्प से सिद्धि’ वाले मंत्र की सिद्धि और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के खात्मे के संकल्प की सिद्धि डेड लाइन से पहले ही होती दिख रही है।

2026 में दुनिया का अस्तित्व मिट जाने का दावा कुछ लोगों द्वारा किया जा रहा था। दुनिया मिटे या न मिटे, मगर माओवाद का नामोनिशान जरूर मिटता नजर आ रहा है। हिड़मा के बाद दूसरे नंबर का सबसे खतरनाक नक्सली माने जाने वाले टॉप नक्सली कमांडर बारसे देवा ने आज पड़ोसी राज्य तेलंगाना में वहां के डीजीपी शिवधर रेड्डी के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। बस्तर संभाग में वर्षों से सक्रिय रहे नक्सली लीडर बारसे देवा के साथ करीब 40 अन्य सक्रिय नक्सलियों ने भी आत्मसमर्पण कर दिया है। छत्तीसगढ़ पुलिस के मोस्ट वांटेड नक्सली बारसे देवा ने तेलंगाना में वहां के पुलिस महानिदेशक के समक्ष सरेंडर किया है।बारसे देवा के साथ तीन दर्जन से अधिक नक्सलियों के भी आत्मसमर्पण करने की खबर है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यह माओवाद के खिलाफ एक अहम घटनाक्रम है। नक्सल संगठन माओवादी गुरिल्ला लिबरेशन आर्मी से जुड़े वरिष्ठ सदस्य बरसे देवा ने डीजीपी शिवधर रेड्डी के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। सूत्र बताते हैं कि बारसे देवा नक्सल संगठन के भीतर सक्रिय भूमिका में था और हथियारों की आपूर्ति सहित कई अहम जिम्मेदारियां सम्हाल रहा था। आत्मसमर्पण के दौरान बारसे देवा के पास से माउंटेन एलएमजी बरामद किए जाने की भी सूचना है। बारसे देवा के साथ करीब 40 अन्य नक्सलियों ने भी आत्मसमर्पण कर दिया है। सूत्रों के अनुसार बारसे देवा को कल मीडिया के सामने पेश किया जाएगा। बारसे देवा हालिया मुठभेड़ में मारे बड़े नक्सली हिड़मा का खास दोस्त है और हिड़मा के बाद वह बस्तर में बड़े स्तर पर दूसरे नंबर पर आता है। छत्तीसगढ़ पुलिस और सुरक्षा बलों की हिट लिस्ट में वह शिखर पर रहा है। बारसे देवा का आत्मसमर्पण करना बताता है कि बस्तर में अब नक्सली नेतृत्वहीन हो गए हैं।बस्तर पुलिस रेंज में दो अलग अलग नक्सल विरोधी अभियानों के दौरान आज 3 जनवरी को सुरक्षा बलों द्वारा कुल 14 नक्सलियों को मार गिराया गया है। सभी के शव भी बरामद कर लिए गए हैं।बीजापुर जिले में 2 तथा सुकमा जिले में 12 समेत कुल 14 नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं। मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में एके 47, इंसास, एसएलआर राइफल्स जैसे घातक हथियार भी बरामद किए गए हैं। बीजापुर एवं सुकमा जिलों के दक्षिणी क्षेत्र में सशस्त्र नक्सलियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना के आधार पर सुरक्षा बलों द्वारा सर्च ऑपरेशन प्रारंभ किया गया। अभियान के तहत दक्षिण बस्तर क्षेत्र में डीआरजी की टीमें रवाना की गई थीं। ऑपरेशन के दौरान बीजापुर जिले में सुबह लगभग 5 बजे से डीआरजी और नक्सलियों के बीच रुक-रुक कर मुठभेड़ जारी है। वहीं सुकमा जिले में भी सुबह लगभग 8 बजे से सुरक्षा बलों एवं नक्सलियों के बीच रुक-रुक कर फायरिंग चल रही है। अब तक सर्च ऑपरेशन के दौरान मुठभेड़ स्थलों से कुल 14 माओवादियों के शव बरामद किए जा चुके हैं। बीजापुर जिले से 02 तथा सुकमा जिले से 12 नक्सलियों के शव शामिल हैं। सुकमा डीआरजी के जवानों ने किस्टाराम एरिया में सर्च ऑपरेशन के दौरान मुठभेड़ में 12 माओवादियों को मार गिराया। मुठभेड़ में जवानों ने डीवीसीएम मंगडू को मारने में सफलता हासिल की है।
*तेजी से अमन की ओर बस्तर*
एक ही दिन में ये दोनों बड़ी उपलब्धियां जहां अमन की ओर तेजी बढ़ते बस्तर की हकीकत बयां कर रही हैं, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मूल मंत्र संकल्प से सिद्धि और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के उस संकल्प की पूर्ति कर रही हैं, जिसमें श्री शाह ने 31 मार्च 2026 तक माओवाद के खात्मे की बात कही है। मुठभेड़ों में लगातार नक्सलियों के मारे जाने और थोक में हो रहे आत्मसमर्पण इंगित कर रहे हैं कि संकल्प की सिद्धि अमित शाह द्वारा दी गई डेड लाइन से पहले ही हो जाएगी और बस्तर फिर शांति का टापू बन जाएगा
