*अर्जुन झा*
*जगदलपुर।* बस्तर जिला पुलिस ने नई दिल्ली के जनकपुरी में 2 साल से चल रहे फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। मामले में पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें चार युवतियां हैं।

जनकपुरी दिल्ली में श्री गणेश सॉल्यूशन के नाम से फर्जी कॉल सेंटर ऑफिस चला रहे आरोपियों ने बस्तर के कमलोचन कश्यप से लगभग एक वर्ष पूर्व 20 लाख रूपये की ठगी की थी।थाना नगरनार में धारा 318 (4) बीएनएस, 66 (डी) आईटी एक्ट में प्रार्थी द्वारा अपराध पंजीबद्ध कराया गया था। पीड़ित के मुताबिक उसने बीमा अभिकर्ता अंचल हिल के माध्यम से बजाज एलियांज इंश्योरेंश कंपनी लिमिटेड की बीमा पॉलिसी फ्यूचर गेन वर्ष 2020 में लिया था। उसे एजेंट द्वारा जानकारी दी गई थी कि एकमुश्त एक लाख रूपये जमा करने पर 10 वर्ष बाद रकम दोगुना प्राप्त होगा। लालच देकर तरह-तरह की प्रोसेसिंग फीस भुगतान करने के नाम पर लगभग 20 लाख रूपए का ऑनलाईन ट्रांजेक्शन विभिन्न खातो में करवाकर थोखाधड़ी की गई थी। मामले में पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग, नगर पुलिस अधीक्षक सुमीत कुमार एवं उप पुलिस अधीक्षक साइबर गीतिका साहु के निर्देशन में टीम गठित कर विवेचना प्रारंभ की गई। विवेचना के दौरान सभी खातों की जांच, फर्जी सिम के अवलोकन, संदिग्ध ट्रांजेक्शन के तकनीकी विश्लेषण, रकम की एटीएम से निकासी की जानकारी के आधार पर जनकपुरी दिल्ली में फर्जी कॉल सेंटर को लोकेट किया गया। आरोपियों के ठिकानों एवं वस्तुस्थिति की जानकारी से पुलिस अधीक्षक बस्तर को अवगत कराया गया। जिसके बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में आरोपियों की धरपकड़ हेतु टीम जनकपुरी दिल्ली रवाना की गई। टीम द्वारा विवेचना के दौरान प्राप्त जानकारी के आधार पर दिल्ली स्थित ऑफिस की रेकी की गई। रेकी के दौरान आरोपी ओमप्रकाश गुप्ता, दक्षा उर्फ नेहा, शिखा गुप्ता, खुशी, अंजलि चौधरी की पहचान होने पर टीम द्वारा दबिश देकर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों को बस्तर जिले में लाकर न्यायिक रिमांड पर न्यायालय जगदलपुर में पेश किया गया। आरोपियों को पकड़ने में निरीक्षक दिलबाग सिंह, निरीक्षक गौरव तिवारी, निरीक्षक संतोष सिंग थाना नगरनार, उप निरीक्षक अमित सिदार, सतीश यदुराज, आरक्षक गौतमचंद सिंहा, महेंद्र पटेल एवं भूपेंद्र नेताम की अहम भूमिका रही।
*बस्तर पुलिस की अपील*
बस्तर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि इंश्योरेंश के लिए किसी भी अनजान कॉल एवं मैसेज पर विश्वास न करें, संबंधित कंपनी के ऑफिस में जाकर तस्दीक करें, इंश्योरेश कंपनी की किश्त या प्रीमियम के भुगतान के लिए कंपनी के कॉर्पोरेट अकांउट पर ही भुगतान करें व्यक्तिगत नाम वाले अकाउंट पर भुगतान न करें, अपनी निजी जानकारी किसी को शेयर न करें
व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम में टू-स्टेप वेरीफिकेशन हमेशा ऑन रखें। प्रोफाईल लॉक रखें।
*ये सामान हुए बरामद*
मामले का मास्टर माइंड ओमप्रकाश गुप्ता है।आरोपियों से दर्जनों फर्जी सि म व जीएसएम वायरलेस फोन एवं एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं।आरोपियों द्वारा की गई ठगी के संबंध में अन्य राज्यों से भी जानकारी जुटाई जा रही है। बजाज इंश्योरेंस के एक व्यक्ति का डाटा 20 रूपये में खरीदता था आरोपी। आरोपी के कब्जे से लाखो पॉलिसी धारकों का डाटा बरामद हुआ है।

इसके अलावा एंड्राईड मोबाईल फोन 6 नग एवं आईफोन 3 नग, विभिन्न बैंको के एटीएम कार्ड, दो नग ऎसी रजिस्टर जिनमें विभिन्न विभिन्न राज्यों के पॉलिसी धारको का डेटा संग्रहित है, 9 नग जीएसएम वायरलेस फोन, एक नग एयरटेल फाईबर, एक नग
डीव्हीआर, एक लैपटॉप और एक टाटा टियागो कार समेत अन्य कई सामान बरामद किए गए हैं।
