*अर्जुन झा*
*कोंडागांव।* भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के अंतर्गत हस्तशिल्प सेवा केंद्र, जगदलपुर द्वारा कोंडागांव के एक निजी होटल में आयोजित छह दिवसीय उद्यमिता विकास कार्यक्रम के तहत एक विशेष डिजिटल मार्केटिंग वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में डिजिटल मार्केटिंग एक्सपर्ट राहुल कुमार पांडेय ने बतौर प्रशिक्षक भाग लिया और कोंडागांव के 22 पारंपरिक शिल्पकारों को अपने हस्तशिल्प उत्पादों को बस्तर से देश-विदेश के बाज़ार तक पहुंचाने के व्यावहारिक तरीके सिखाए।
कार्यशाला के दौरान राहुल कुमार पांडेय ने शिल्पकारों को सोशल मीडिया मार्केटिंग, ऑनलाइन ब्रांडिंग, ग्राहक से सीधे जुड़ाव, डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग, और बिचौलियों के बिना सही मूल्य प्राप्त करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सरल भाषा में प्रशिक्षण दिया। उन्होंने यह भी बताया कि कैसे एक साधारण मोबाइल फोन शिल्पकारों के लिए बिज़नेस टूल बन सकता है।
कार्यक्रम में भाग लेने वाले शिल्पकारों ने प्रशिक्षण को बेहद उपयोगी, प्रेरणादायक और व्यवहारिक बताया तथा कहा कि इससे उन्हें अपनी कला को नए बाज़ार तक ले जाने की स्पष्ट दिशा मिली है। शिल्पकारों ने राहुल कुमार पांडे के प्रशिक्षण की खुले मंच से सराहना की।
उल्लेखनीय है कि यह कार्यक्रम अंबेडकर हस्तशिल्प विकास योजना के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाना और उनकी कला को वैश्विक पहचान दिलाना है। यह कार्यशाला न केवल शिल्पकारों के लिए ज्ञानवर्धक रही, बल्कि बस्तर अंचल की पारंपरिक कला को डिजिटल माध्यम से नई उड़ान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।
