*अर्जुन झा*
*बकावंड।* एक थे आदिवासी राजा के पुत्र एकलव्य, जिन्होंने गुरु द्रोणाचार्य की उपेक्षा के बावजूद गुरु द्रोणाचार्य की मिट्टी की प्रतिमा बनाई और उसे ही गुरु का स्वरुप मान कर दृढ़ संकल्प के साथ विद्या ग्रहण की। यही संकल्प और गुरु के प्रति श्रद्धा ने एकलव्य को महान धनुर्धर बना दिया। कुछ ऎसी ही संकल्प सिद्धि के साथ करपावंड स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय से पढ़कर निकले अनेक विद्यार्थियों सफलता के बड़े सोपान तय किए हैं। कोई विद्यार्थी आज डॉक्टर है, कोई इंजीनियर है, कोई वकील है, तो कोई डिप्टी कलेक्टर। इन पूर्व विद्यार्थियों ने ‘एकलव्य’ नाम को सार्थक कर दिखाया है। विद्यालय की एलुमनी मीट में इस उपलब्धि की शानदार झलक देखने को मिली।
राष्ट्रीय आदिवासी छात्र शिक्षा समिति नई दिल्ली एवं आयुक्त छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय आश्रम आवासीय एवं शैक्षणिक संस्थान समिति रायपुर के निर्देशानुसार तथा सहायक आयुक्त आदिवासी विकास जगदलपुर के मार्गदर्शन में पूर्व छात्र मिलन समारोह एलुमनी मीट 2025 का आयोजन करपावंड के आदर्श एकलव्य आवासीय विद्यालय में गरिमामय और भावनात्मक वातावरण में किया गया। इस ऐतिहासिक आयोजन में वर्षों बाद विद्यालय लौटे पूर्व छात्रों का उत्साह, अपनापन और विद्यालय परिवार द्वारा किया गया स्वागत देखते ही बन रहा था। यह कार्यक्रम पुराने संस्मरणों को ताजा करने के साथ-साथ वर्तमान विद्यार्थियों को प्रेरणा देने का भी महत्वपूर्ण अवसर बना। छात्र परिषद पदाधिकारियों द्वारा पूर्व छात्रों का आत्मीय स्वागत किया गया। बड़ी संख्या में उपस्थित पूर्व छात्रों ने मंच से अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि विद्यालय में मिली गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासन, संस्कार और शिक्षकों का मार्गदर्शन उनके व्यक्तित्व निर्माण में अत्यंत सहायक रहा। पूर्व छात्र राहुल साय ने कहा कि एकलव्य विद्यालय ने मुझे न केवल शिक्षा दी बल्कि जीवन की चुनौतियों का सामना करने का साहस भी दिया। यहां का अनुशासन और शिक्षक मार्गदर्शन आज मेरे जीवन की सफलता का आधार हैं। मिलन समारोह के दौरान वर्तमान विद्यार्थियों द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। नृत्य, गीत और नाटक के माध्यम से उन्होंने विद्यालय की संस्कृति और परंपराओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। सभी अतिथियों और पूर्व छात्रों ने इन प्रस्तुतियों की सराहना की। विद्यालय परिवार के सदस्यों ने भी बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई। अपने प्रिय शिक्षकों के साथ समय बिताकर पूर्व छात्र भावुक और गौरवान्वित महसूस कर रहे थे। विद्यालय से विदाई के बाद की अपनी करियर यात्रा, संघर्ष और सफलता की कहानियां साझा करते हुए पूर्व छात्रों ने वर्तमान विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारण, परिश्रम और धैर्य का महत्व समझाया। डॉ. प्रीति मंडावी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा- एकलव्य ने मुझे डॉक्टर बनने का सपना साकार करने का अवसर दिया। विद्यालय में मिली शिक्षा और संस्कार मेरे जीवन की मजबूत नींव बने।विद्यार्थियों ने आत्मचिंतन करते हुए अपने भविष्य के लक्ष्यों पर गंभीरता से विचार किया। कार्यक्रम में विद्यालय के गत कार्यक्रम संयोजक डॉ. प्रमोद कुमार शुक्ल ने एकलव्य विद्यालय की विकास यात्रा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह विद्यालय न केवल शिक्षा के क्षेत्र में बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण और सामाजिक उत्तरदायित्व में भी अग्रणी रहा है। सहायक आयुक्त जीआर सोरी ने कहा कि आज एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के छात्र देश के प्रतिष्ठित कॉलजों में अध्ययन कर रहे हैं, जहां देश के बड़े-बड़े और प्रभावशाली परिवारों के बच्चे पढ़ते हैं। यह विद्यालय के लिए गर्व और हर्ष की बात है कि हमारे विद्यार्थी किसी से कम नहीं हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि पढ़ाई को प्राथमिकता दें, समय पर पाठ्यक्रम पूरा करें, नियमित रिवीजन करें और जीवन में कभी हार न मानें। संस्था के पूर्व प्राचार्य अनिल दास ने अपने कार्यकाल के दौरान की उपलब्धियां बताई और शिक्षकों के अमूल्य योगदान को सराहा। विद्यालय के प्राचार्य मुकेश कुमार सैनी ने भी विचार रखे। पूर्व छात्र संतोष कुमार मंडावी ने कहा कि आज इस विद्यालय से पढ़कर कई छात्र डॉक्टर, इंजीनियर, अधिकारी और विभिन्न क्षेत्रों में सफल होकर देश और समाज की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय की शुरुआत एक सामाजिक भवन से हुई थी। प्रारंभ में शिक्षकों की कमी, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं का अभाव था, लेकिन आज छात्रावास में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसका सकारात्मक प्रभाव विद्यालय के उत्कृष्ट परिणामों में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। उन्होंने वर्तमान विद्यार्थियों को मन लगाकर पढ़ाई करने और अपने लक्ष्य को सदैव आगे बनाए रखने की सलाह दी। प्राचार्य अमित कुमार पांडेय ने बताया कि विद्यालय निरंतर प्रगति पथ पर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय एवं नेशनल एजुकेशन सोसायटी फॉर ट्राइबल स्टूडेंट्स के सहयोग से टाटा मोटर्स कंपनी के साथ एक एमओयू हुआ है, जिसके तहत पूर्व और वर्तमान छात्रों को व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। डॉ. उषा शुक्ला ने कहा कि जीवन में लक्ष्य के प्रति सजग, सकारात्मक और धैर्यवान रहना अत्यंत आवश्यक है। निरंतर प्रयास, अनुशासन और आत्मविश्वास से ही सफलता प्राप्त होती है।
*लौटे मीठी यादें लेकर*
समापन सत्र में सहायक आयुक्त एवं प्राचार्य द्वारा पूर्व छात्रों को स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। सभी छात्रों एवं अतिथियों के लिए भोजन की विशेष व्यवस्था की गई। एलुमनी मीट में एकलव्य विद्यालय कोड़ेनार, दरभा और बेसुली के प्राचार्य प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में संस्था के संस्थापक सदस्य और शिक्षक कर्मचारियों की सक्रिय सहभागिता रही। विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और आयोजन की व्यवस्थाओं में विशेष भूमिका निभाई। सह संयोजक ओमप्रकाश चंद्रवंशी ने पूर्व छात्रों, अतिथियों और विद्यालय की विकास यात्रा को कविता के माध्यम से प्रस्तुत किया। इस तरह एलुमनी मीट 2025 प्रेरणा, स्मृतियों और आत्मीयता के साथ सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, जिसने सभी उपस्थित लोगों के मन में विद्यालय के प्रति अपनापन और गर्व की भावना को और प्रबल किया।
