*अर्जुन झा*
*बकावंड।* शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय जगदलपुर के तत्वावधान में संचालित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सेजेस बकावंड की एनएसएस इकाई द्वारा ग्राम कोलावल के राताखंडी पारा में सात दिवसीय विशेष शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर 21 से 27 दिसंबर तक “स्वच्छ एवं नशामुक्त भारत” थीम पर आयोजित था।
शिविर का शुभारंभ ग्राम पंचायत कोलावल की सरपंच पद्मिनी कश्यप के मुख्य आतिथ्य एवं पूर्व विधायक प्रत्याशी दुर्जन सिंह कश्यप की अध्यक्षता में किया गया। शिविर का नेतृत्व विद्यालय के प्राचार्य हेमंत देवांगन एवं कार्यक्रम अधिकारी चंद्रकांत देशमुख द्वारा किया गया। सात दिवसीय शिविर के दौरान स्वयंसेवकों द्वारा अनेक रचनात्मक एवं जनहितकारी गतिविधियां संचालित की गईं। इनमें स्वच्छता अभियान के अंतर्गत बाजार स्थलों की साफ-सफाई, घरों एवं आसपास के क्षेत्रों की सफाई, कचरा निपटान, घरों के पास गोबर इकट्ठा न करने की समझाइश तथा जल संरक्षण के प्रति जागरूकता कार्यक्रम शामिल रहे। साथ ही प्लास्टिक के दुष्प्रभावों पर लोगों को जागरूक किया गया। नशामुक्ति अभियान के तहत नाटिका के माध्यम से जनजागरूकता फैलाने का कार्य किया गया। रचनात्मक गतिविधियों के अंतर्गत हायर सेकंडरी स्कूल कोलावल में चबूतरा एवं मंच निर्माण, विद्यालय परिसर में स्थित मिनी गार्डन में क्यारियों का निर्माण किया गया। इसके अतिरिक्त शाला त्यागी बच्चों के घर जाकर पालकों से संपर्क किया गया तथा बाल विवाह रोकने हेतु ग्रामीणों को समझाइश दी गई। शिविर के दौरान ग्राम पाथरी में स्थित मां पार्वती माता मंदिर परिसर, उच्च प्राथमिक शाला कोलावल एवं प्राथमिक शाला कोलावल के परिसरों की साफ-सफाई की गई। विद्यालय के मुख्य द्वार पर दरवाजा फिट किया गया तथा प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन कर ग्रामीणों एवं बच्चों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई। इस दौरान जिला संगठक बकावंड कॉलेज की मौसमी विश्वास ने शिविर का निरीक्षण कर स्वयंसेवकों को मार्गदर्शन दिया। शिविर के समापन अवसर पर जनपद पंचायत बकावंड की उपाध्यक्ष एवं वर्तमान जनपद शिक्षा समिति अध्यक्ष तरुण पांडे मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ जनपद सदस्य क्षेत्र क्रमांक 6 बैसाखू राम, पूर्व सरपंच दुर्जन सिंह कश्यप, पूर्व सरपंच सुदर्शन बेसरा, पूर्व पंच जयराम, तुलसीराम, बुधराम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे। अतिथियों ने एनएसएस स्वयंसेवकों द्वारा किए गए कार्यों की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी बताया।
