दुर्ग, 23 दिसंबर। जिले की थाना उतई पुलिस ने विवाह के नाम पर धोखाधड़ी करने के एक गंभीर मामले का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी एवं विवाह कराने वाली मध्यस्थ महिला को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने स्वयं को अविवाहित बताकर, अपनी उम्र, पूर्व विवाह व तलाक तथा नौकरी की वास्तविक जानकारी छिपाते हुए एक महिला से छलपूर्वक विवाह किया था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 22 दिसंबर 2025 को पीड़िता ने थाना उतई में लिखित आवेदन प्रस्तुत कर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि आरोपी विजय कुमार पाण्डेय ने जानबूझकर अपने पूर्व विवाह और तलाक की जानकारी, वास्तविक उम्र एवं नौकरी से संबंधित तथ्य छिपाकर उसे धोखे में रखकर विवाह किया। विवाह की प्रक्रिया में मध्यस्थ की भूमिका निभाने वाली विद्ववासनी शुक्ला को इन तथ्यों की जानकारी होने के बावजूद उसने पीड़िता को सूचित नहीं किया और विवाह संपन्न कराया।
विवाह के बाद ससुराल में रहने के दौरान आरोपी के व्यवहार से पीड़िता को शारीरिक एवं मानसिक रूप से प्रताड़ना का सामना करना पड़ा, जिसके बाद उसने पुलिस की शरण ली। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध धारा 318(4), 85 भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की।
जांच के दौरान आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें मुख्य आरोपी ने स्वीकार किया कि उसका पूर्व विवाह विच्छेद हो चुका था और इसी कारण उसने अपनी व्यक्तिगत जानकारी छिपाकर दूसरा विवाह किया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से आधार कार्ड, पैन कार्ड एवं पूर्व विवाह विच्छेद से संबंधित न्यायालयीन आदेश की प्रति जब्त की है।
पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी विजय कुमार पाण्डेय पिता स्व. उदय चन्द्र पाण्डेय (उम्र 42 वर्ष), निवासी प्लाट नंबर 49, न्यू कैलाश नगर, कुरूद भिलाई, थाना जामुल जिला दुर्ग तथा विवाह की मध्यस्थता करने वाली विद्ववासनी शुक्ला पिता रामसुमेर शुक्ला (उम्र 61 वर्ष), निवासी वार्ड क्रमांक 05, चिंगरी पारा, सुपेला भिलाई, थाना सुपेला जिला दुर्ग को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है।
