दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में आगामी 21 से 23 दिसंबर 2025 तक राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान (NID) का आयोजन किया जाएगा। कलेक्टर अभिजीत सिंह की अध्यक्षता में आयोजित जिला टास्क फोर्स की बैठक में अभियान की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। इस बार जिले के 2,59,188 बच्चों को पोलियो मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
अभियान का शेड्यूल: बूथ से लेकर घर-घर तक
अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने त्रि-दिवसीय रणनीति तैयार की है:21 दिसंबर (प्रथम दिवस): निर्धारित बूथों पर बच्चों को दवा पिलाई जाएगी।22 और 23 दिसंबर (मॉप-अप राउंड): टीम घर-घर जाकर उन बच्चों को कवर करेगी जो पहले दिन बूथ तक नहीं पहुँच सके।
तैयारियों का खाका: 1043 बूथों की तैनाती
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. दिव्या श्रीवास्तव के अनुसार, जिले में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं:कुल बूथ: 1043 इकाइयाँ (1002 स्थाई, 13 मोबाइल/चलित और 25 ट्रांजिट बूथ)।मानव संसाधन: आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनों और स्वास्थ्य कर्मियों का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है।निगरानी: बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और सार्वजनिक स्थलों पर ट्रांजिट बूथ बनाए गए हैं ताकि सफर कर रहे बच्चे भी दवा से वंचित न रहें।
कलेक्टर की अपील: जन-भागीदारी से बनेगा जिला सुरक्षित
बैठक के दौरान कलेक्टर अभिजीत सिंह ने कहा, “देश का भविष्य बचाओ, पोलियो की दवा हर बार पिलाओ।” उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं (NGOs), पत्रकारों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे इस राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएं ताकि 0 से 5 वर्ष तक का कोई भी बच्चा सुरक्षा चक्र से न छूटे।
बैठक में प्रमुख उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर कलेक्टर योगिता देवांगन, सीएमएचओ डॉ. मनोज दानी सहित भिलाई, दुर्ग, चरोदा और रिसाली निगम के आयुक्त उपस्थित थे। साथ ही WHO, IMA, रोटरी क्लब और महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रतिनिधियों ने भी अपनी सहभागिता सुनिश्चित की।
