दुर्ग जिले की सभी छह विधानसभा क्षेत्रों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया समाप्त कर ली गई है। इस दौरान प्रशासन ने **37,099 मृत मतदाता** चिन्हित किए हैं। इनमें सबसे अधिक **दुर्ग शहर में 8,956** और सबसे कम **भिलाई नगर में 4,120** मृत मतदाता पाए गए।
समीक्षा में करीब **1.50 लाख मतदाता ऐसे मिले जो अब अपने पुराने पते पर निवास नहीं करते**। इन्हें स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाताओं की श्रेणी में जोड़ा गया है। इसके अतिरिक्त **51,059 मतदाताओं का पता सत्यापित नहीं हो सका**, जिनकी जानकारी दोबारा एकत्र की जा रही है।
प्रशासन ने लक्ष्य रखा है कि **11 दिसंबर तक** वोटर लिस्ट को नए सिरे से पूरी तरह अपडेट कर दिया जाए। इसके लिए **1397 बीएलओ को फॉर्म-6 वितरित** किए गए हैं, जिनके माध्यम से नए मतदाता पंजीकरण और बूथ परिवर्तन की प्रक्रिया ड्राफ्ट लिस्ट जारी होने के बाद शुरू होगी।
**SIR रिपोर्ट की प्रमुख बातें :**
* **4 लाख 42 हजार मतदाता** ऐसे पाए गए जिनके माता-पिता के नाम 2003 की सूची में भी दर्ज थे—इन्हें कैटेगरी ‘A’ दी गई।
* **4 लाख 48 हजार मतदाता** वे हैं जिनका नाम 2003 की सूची में नहीं था मगर 2025 की लिस्ट में शामिल है—इन्हें कैटेगरी ‘B’ में रखा गया।
* **69,057 मतदाताओं के बारे में 2003 की रिकॉर्ड में जानकारी उपलब्ध नहीं थी।**
कलेक्टर अभिजीत सिंह ने बताया कि छहों विधानसभा क्षेत्रों में **फॉर्म्स का डिजिटलीकरण पूरी तरह पूरा** हो चुका है। जिन मतदाताओं को नॉन-कलेक्टेबल श्रेणी जैसे मृत्यु, पता परिवर्तन, हस्ताक्षर से इनकार या अनुपस्थिति में रखा गया था, उनका **दुबारा सत्यापन** भी जारी है ताकि मतदाता सूची को पूरी तरह सटीक और पारदर्शी बनाया जा सके।
