***दुर्ग*** जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के अध्यक्ष और पूर्व विधायक **अमित जोगी** ने भिलाई में एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में बड़ा सियासी संकेत दिया। उन्होंने बताया कि **जनता कांग्रेस (जे) का कांग्रेस में विलय करने का प्रस्ताव आधिकारिक रूप से भेज दिया गया है**, और अब इस पर निर्णय प्रदेश एवं केंद्रीय नेतृत्व को लेना है।
अमित जोगी ने कहा कि मौजूदा राजनीतिक हालात में विपक्षी दलों का एकजुट होना बेहद जरूरी है। उन्होंने टिप्पणी की—“छत्तीसगढ़ को अडानीगढ़ बनने से रोकना है तो फासीवादी ताकतों के खिलाफ मिलकर लड़ना होगा। आपसी मतभेद से यह लड़ाई नहीं जीती जा सकती। देशभर में कांग्रेस जिन परिस्थितियों से गुजर रही है, उसे सब देख रहे हैं। ऐसे समय में 42 मान्यता प्राप्त दलों में से हमने प्रदेश और देशहित में विलय का प्रस्ताव रखा है। यह किसी निजी लाभ के लिए नहीं, बल्कि भाजपा के खिलाफ मजबूती बनाने के लिए है।”

इधर, जोगी के इस रुख पर कांग्रेस ने सख्त प्रतिक्रिया दी। पूर्व मुख्यमंत्री **भूपेश बघेल** ने तीखे शब्दों में कहा—**“कांग्रेस को उसकी (अमित जोगी) कोई जरूरत नहीं है।”**
बघेल की इस प्रतिक्रिया के बाद राज्य की राजनीति में संभावित विलय और उससे पैदा होने वाले नए समीकरणों पर चर्चा और तेज हो गई है।
