********दुर्ग*******
दुर्ग पुलिस ने भुइयां पोर्टल में साइबर छेड़छाड़ कर सरकारी जमीन के रिकॉर्ड को बदलने और फर्जी दस्तावेज़ों के जरिए बैंक धोखाधड़ी करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में छह आरोपियों के साथ एक नाबालिक को भी हिरासत में लिया गया है।
**मामले की शिकायत**
अहिवारा तहसील के तहसीलदार राधेश्याम वर्मा ने 13 अगस्त 2025 को अमलेश्वर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि ग्राम छोटी और मुरमुंदा के भुइयां सॉफ्टवेयर में अज्ञात लोगों ने अवैध रूप से लॉगिन कर रिकॉर्ड में बदलाव किए। सरकारी जमीनों को निजी भूमि की तरह दिखाकर कूटरचित कागजात तैयार किए गए और उन्हीं के आधार पर एसबीआई नंदिनी नगर शाखा से 36 लाख रुपये का लोन निकाल लिया गया।
**जांच और गिरफ्तारियां**
शिकायत के बाद पुलिस ने एक तकनीकी टीम गठित की। जांच में सबसे पहले एन.के. साहू, अमित कुमार मौर्य और गणेश प्रसाद तंबोली पुलिस के हाथ लगे। पूछताछ के दौरान यह खुलासा हुआ कि मुरमुंदा पटवारी कार्यालय में काम करने वाले एक नाबालिक सहायक से आरोपी संजय वर्मा ने लालच देकर पटवारी की लॉगिन आईडी और पासवर्ड हासिल किए थे। उसी एक्सेस का उपयोग कर गिरोह ने सरकारी जमीनों के डेटा से छेड़छाड़ की और फर्जी दस्तावेज़ तैयार किए।
अशोक उरांव की जानकारी पर पुलिस ने आगे दबिश दी और कड़ी कार्रवाई करते हुए कुल छह आरोपियों और एक नाबालिक को गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह लंबे समय से जमीन से जुड़े साइबर फ्रॉड और बैंक धोखाधड़ी में सक्रिय था।
**पुलिस का बयान**
एडिशनल एसपी दुर्ग ग्रामीण अभिषेक झा ने बताया कि आरोपी योजनाबद्ध तरीके से पोर्टल को इंटरफेयर कर सरकारी भूमि को निजी दर्शाते थे। तैयार किए गए नकली दस्तावेज़ों के आधार पर बैंक से मोटी रकम प्राप्त की गई। तकनीकी जांच में पूरी साजिश स्पष्ट हो गई है और सभी आरोपियों से विस्तृत पूछताछ जारी है। पुलिस का कहना है कि मामले में और लोगों की संलिप्तता भी सामने आ सकती है।
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