दुर्ग। अदालत ले जाते वक्त आरोपी के चकमा देकर फरार हो जाने की घटना ने पुलिस विभाग की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रकरण की समीक्षा के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने जिम्मेदारी निभाने में उदासीन पाए गए तीन पुलिसकर्मियों को तुरंत लाइन अटैच करने का आदेश जारी किया।

दरअसल, रायपुर से पकड़े गए आरोपी हेमंत अग्रवाल को पुरानी भिलाई स्थित व्यवहार न्यायालय में पेश करने ले जाया जा रहा था, लेकिन उसे हथकड़ी नहीं लगाई गई थी। इसी लापरवाही का फायदा उठाकर वह मौके से भाग निकला। आंतरिक जांच में दोष स्पष्ट होने पर जामुल थाने के प्रधान आरक्षक दिनेश कुमार, आरक्षक रत्नेश कुमार और चेतमान गुरुंग पर कार्रवाई की गई। इस निर्णय से पुलिस बल में हलचल देखी जा रही है।
उल्लेखनीय है कि हेमंत अग्रवाल पर 21 वर्षीय युवती को कुरूद स्थित घर से जबरन उठाकर कार से रायपुर ले जाने और रास्ते व वहां शारीरिक प्रताड़ना देने के गंभीर आरोप दर्ज हैं। मामले के तूल पकड़ने के बाद अब विभाग ने अपने स्तर पर कठोर रुख अपनाया है।
