**भिलाई, 17 नवंबर।**
सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गांधीनगर द्वारा हैदराबाद में आयोजित *राष्ट्रीय K9 ब्रेवरी अवॉर्ड 2025* समारोह में देशभर के केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और राज्य पुलिस संगठनों के सर्वश्रेष्ठ श्वानों को सम्मानित किया गया। इस समारोह का उद्देश्य सुरक्षा अभियानों में श्वानों के योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान देना था।
इस वर्ष *बीएसएफ छत्तीसगढ़ (स्पेशल ऑप्स)* की ओर से दो प्रशिक्षित श्वानों ने हिस्सा लिया। टीम का नेतृत्व उप समादेष्टा (वेटनरी) **डॉ. राम मेहर सिंह** ने किया। दल में 40वीं बटालियन के श्वान **‘बाबू’ (बेल्जियन शेफर्ड)** एवं उसके हैंडलर ब्रिंदाबन तमुली, विकास विश्वास, और 181वीं बटालियन की **‘बबीता’ (रामपुर हाउंड)** एवं उसके हैंडलर तपन दास, अमरिक सिंह शामिल थे।
श्वान *बाबू* ने विस्फोटक खोज श्रेणी में और *बबीता* ने ट्रैकर श्रेणी में बीएसएफ का प्रतिनिधित्व किया। अपनी बेहतरीन सूझबूझ, फुर्ती और कार्यकुशलता के दम पर श्वान *बाबू* को ‘राष्ट्रीय K9 ब्रेवरी अवॉर्ड 2025’ से सम्मानित किया गया। उसने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 9 आईईडी का समय रहते पता लगाकर सुरक्षा बलों और आम नागरिकों की जान बचाई। उसका मूल्यांकन एनएसजी, सीआरपीएफ, एसएसबी, तेलंगाना पुलिस और छत्तीसगढ़ पुलिस के श्रेष्ठ श्वानों के साथ किया गया, जहां उसने शानदार प्रदर्शन किया।
उत्कृष्ट सेवाओं के लिए श्वान *बाबू* को ‘K9 नक्सल सेंटिनल’ की विशेष उपाधि भी दी गई, जो उसके साहस और समर्पण का प्रतीक है।
रिसाली स्थित बीएसएफ स्पेशल ऑप्स मुख्यालय में आज महानिरीक्षक **आनंद प्रताप सिंह (IPS)** ने टीम को बधाई देते हुए कहा कि—
*“श्वान बाबू और बबीता ने अपनी प्रतिबद्धता, प्रशिक्षण और अदम्य साहस से बीएसएफ और पूरे देश का सम्मान बढ़ाया है। उनकी सेवाएं बीएसएफ की सर्वोत्तम परंपराओं को दर्शाती हैं और देश को उन पर गर्व है।”*
कार्यक्रम में मिली यह पहचान सुरक्षा अभियानों में श्वानों की महत्ता और उनकी भूमिका को एक बार फिर रेखांकित करती है।
