दुर्ग, 15 नवंबर। जिले में पिछले कई दिनों से चोरी और लूट की घटनाओं को अंजाम देने वाले दो आरोपी आखिरकार पुलिस की पकड़ में आ गए। उतई थाना पुलिस और ACCU टीम ने संयुक्त कार्रवाई कर ऑपरेशन ‘विश्वास’ के तहत दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
घटना की शुरुआत तब हुई जब ग्राम मर्रा निवासी टामिन बंजारे ने 4 नवंबर को रिपोर्ट दर्ज कराई। दो अज्ञात लोग सिविल ड्रेस में उसके घर पहुँचकर खुद को पुलिसकर्मी बताने लगे और परिवार पर ड्रग्स बेचने का आरोप लगाकर घर की तलाशी ली। आरोपियों ने इसी बहाने अलमारी से सोने का मंगलसूत्र, चांदी के पायल, बिछिया और सोने के टॉप्स चोरी कर लिए।
शिकायत के बाद पुलिस ने मर्रा से लेकर पाटन-रायपुर मार्ग तक लगे सीसीटीवी फुटेज की जाँच की। फुटेज से मिले तस्वीरें आसपास के जिलों में सर्कुलेट की गईं। जांच में पता चला कि आरोपियों का तौर-तरीका ईरानी गैंग जैसा है। रायपुर क्राइम ब्रांच की मदद से दोनों की पहचान मिस्कीन अली (38 वर्ष) और महवाल अली (35 वर्ष), निवासी दलदल सिवनी, रायपुर के रूप में हुई।
दोनों आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए अपने घर से फरार थे। मुखबिरों और पुलिस टीम की घेराबंदी में उन्हें दबोच लिया गया। पूछताछ में दोनों ने नाराजगी-भटकाने की कोशिश की, लेकिन सबूतों और सख्ती से पूछताछ के बाद उन्होंने अपराध कबूल कर लिया।
आरोपियों ने बताया कि वे चश्मा बेचने का बहाना बनाकर अलग-अलग इलाकों में रैकी करते थे। घटना वाले दिन बिना नंबर की स्कूटी से अमलेश्वर और पाटन होते हुए मर्रा पहुंचे और घर में फर्जी पुलिस व पत्रकार बनकर तलाशी के नाम पर चोरी की। चोरी किए सामान को रायपुर की विमला ज्वेलर्स में बेचकर 66,000 रुपये आपस में बांट लिए।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि अक्टूबर माह में उन्होंने नेवई थाना क्षेत्र के रिसाली सेक्टर, मैत्रीनगर और उतई के गाड़ाडीह में भी चोरी-लूट की वारदातें की थीं।
पुलिस ने घटना में इस्तेमाल स्कूटी एक्सेस 125 (बिना नंबर), मोबाइल फोन, नकदी 20,000 रुपये, चोरी के सोने-चांदी के जेवर तथा घटना के समय पहने कपड़े जब्त कर लिए हैं।
दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा रहा है। कार्रवाई में उतई थाना प्रभारी महेश ध्रुव, उपनिरीक्षक प्रमोद सिन्हा, सउनि नरेन्द्र सोनी, आरक्षक राजीव दुबे, महेश यादव और ACCU टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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