*अर्जुन झा*
*जगदलपुर।* शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय करीतगांव में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई के तत्वावधान में स्वामी विवेकानंद जी की 164वीं जन्म जयंती ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ के रूप में पूरे उत्साह और गरिमा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकों और एनएसएस स्वयंसेवकों ने स्वामी जी के विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ स्वामी विवेकानंद जी के छायाचित्र पर तिलक लगाकर और दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस आध्यात्मिक शुरुआत के बाद छात्राओं ने अपनी मधुर वाणी से वातावरण को संगीतमय बना दिया। छात्रा मोनिका कश्यप, खुशबू कश्यप, रोशनी नाग और नैना कश्यप ने ‘सुस्वागतम’ गीत प्रस्तुत किया। इसके बाद रूपाली सेठिया, पद्मिनी नाग और भगवती बघेल ने आवाहन गीत गाया, जबकि अजय सेठिया और हेमंत बघेल ने ‘लक्ष्य गीत’ के माध्यम से युवाओं में जोश भरा। बौद्धिक सत्र में विद्यालय के व्याख्याता राजेंद्र कलिहारी ने स्वामी विवेकानंद की जीवनी पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्वामी जी के वेदांत दर्शन और उनके ओजपूर्ण कार्यों के इतिहास को स्वयंसेवकों के साथ साझा किया। व्याख्याता मोहम्मद अकबर खान ने स्वामी विवेकानंद और उनके गुरु श्री रामकृष्ण परमहंस के बीच के अनूठे गुरु-शिष्य संबंध को रेखांकित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को गुरु की प्रेमपूर्ण शिक्षा और आज्ञा पालन के महत्व को समझाया। कार्यक्रम में छात्रों का मार्गदर्शन करते हुए व्याख्याता लुप्तेश्वर आचार्य ने जीवन में लक्ष्य निर्धारण पर जोर दिया। उन्होंने स्वामी विवेकानंद जी के विश्वप्रसिद्ध उद्घोष “उठो, जागो और लक्ष्य की प्राप्ति तक मत रुको” को उद्धृत करते हुए छात्रों को सफलता के पथ पर निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में एनएसएस इकाई के कार्यक्रम अधिकारी राहुल सिंह ठाकुर, सहायक कार्यक्रम अधिकारी वाणी हुमने और लोकेश निषाद की भूमिका अहम रही। कार्यक्रम में व्याख्याता अनिता पाणिग्रही, रीना दास सहित समस्त एनएसएस स्वयंसेवक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।



