*अर्जुन झा*
*जगदलपुर।* बस्तर जिले की ग्राम पंचायत बागबाहर रोतमा में एकल अभियान संस्कार शिक्षा, हिंदू सम्मेलन संघ बस्तर उप संघ रोतमा बागबाहर अंचल जगदलपुर संभाग छत्तीसगढ़ में हिंदू सम्मेलन का सफल आयोजन किया गया। सम्मेलन में धर्मांतरण पर गहन चर्चा की गई। इस सम्मेलन का उद्देश्य सामाजिक चेतना का विस्तार, सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण और हिंदू समाज को संगठित करना था।
मुख्य अतिथि ग्राम पुजारी रूपु कश्यप ने कहा कि अन्य धर्मों के लोग हिंदू धर्म को बदनाम कर आदिवासी एकता को तोड़ रहे हैं और आदिवासी भाई-बंधुओं के बीच हिंदू धर्म के प्रति जहर घोलने का काम कर रहे हैं। उन्होंने हिंदू समाज को एकजुट रहने और अपनी संस्कृति और परंपरा को बचाने का आह्वान किया। मुख्य वक्ता रामनाथ कश्यप ने धर्मांतरण पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कुछ अन्य धर्मों के लोग हिंदू समाज को तोड़ने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाते हैं, लेकिन हमें अपनी संस्कृति और परंपरा को बचाने के लिए एकजुट रहना होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा और सामाजिक सेवा के माध्यम से हम हिंदू समाज को मजबूत बना सकते हैं और धर्मांतरण को रोक सकते हैं। रामनाथ कश्यप ने आगे कहा कि कुछ लोग आदिवासियों को हिंदू नहीं, बल्कि प्रकृति पूजक कहते हैं। प्रकृति की पूजा हिंदू धर्म में भी होती है। जल, भूमि, पेड़, पहाड़ आदि की पूजा हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है,धर्म एक भाव है। उन्होंने सभी समाज प्रमुखों युवाओं महिलाओं से हिंदू धर्म को एकजुट करने आह्वान करते हुए किसी लालच या दबाव में आकर धर्म परिवर्तन न करने अपील की। भूतपूर्व सरपंच मनबोध बघेल ने कहा कि गांव में आदिवासियों को हिंदू नहीं है कहकर उनके मन में हिंदू धर्म के प्रति नफरत का जहर घोला जा रहा है। उन्होंने कहा कि हिंदू देवी-देवताओं को काल्पनिक बताते हुए उनका उपहास किया जा रहा है और ईसाई धर्म अपनाने के लिए आदिवासी ग्रामीणों को धन, शिक्षा, स्वास्थ्य लाभ का लालच दिया जा रहा है। उन्होंने अपील की कि ऐसे किसी लालच में आकर अपना मूल धर्म न छोड़ें और अपनी संस्कृति और परंपरा को बचाएं। सामाजिक कार्यकर्ता कमल किशोर ने कहा कि आज प्रत्येक गांव में चर्च बनाकर प्रार्थना सभा का आयोजन किया जा रहा है और आदिवासियों को धन, शिक्षा, स्वास्थ्य लाभ का लालच देकर उनका धर्म परिवर्तन किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि आदिवासी हिंदू नहीं है कह कर एक आदिवासी दूसरे आदिवासी को बरगलाने का काम कर रहा है। अगर भारत में निवास करता है तो प्रत्येक नागरिक भारतीय होने के साथ हिंदू है। इस अवसर पर बच्चों द्वारा स्वागत गीत, नृत्य प्रस्तुत किया गया। तत्पश्चात मां बम्लेश्वरी भजन सेवा मंडली सोनारपाल की टीम ने भजन कीर्तन कर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान मुख्य अतिथि रूपु कश्यप पुजारी बागबाहर, मुख्य वक्ता रामनाथ कश्यप अनुसूचित जनजाति सहलाकर समिति सदस्य छत्तीसगढ़, लखेश्वर कश्यप, रायधर बघेल, पिलसिंग कश्यप पुजारी, मनबोध बघेल भूतपूर्व सरपंच, मदन सरपंच भैसगांव, गजा भारद्वाज जिला पंचायत सदस्य, शंकुतला कश्यप, कांति मौर्य, बस्तर जिला किसान कल्याण संघ अध्यक्ष नील कुमार बघेल, ईस्पर मंडावी सरपंच मधोता-2, आयोजन समिति सदस्य बबलू कश्यप, हिड़मो राम मंडावी, बलीराम मौर्य, सुलधर मौर्य, मदन, कमल किशोर, मुन्ना कश्यप, कमल मौर्य, भगत कश्यप, रामू मौर्य, जीतू, टीरो, कालीचरण, लच्छनदई, जयमनी, मंगलदई, मां बम्लेश्वरी भजन सेवा मंडली सोनारपाल की टीम के साथ ही सभी ग्राम पंचायतों के सनातनी हिंदू समाज के लोग भारी संख्या में उपस्थित थे।






