दुर्ग, 24 फरवरी (दुर्ग भिलाई अपडेट)। नगर पालिक निगम दुर्ग द्वारा शहर की स्वच्छता को लेकर बड़ा और सख्त निर्णय लिया गया है। महापौर अलका बाघमार ने खटाल क्षेत्रों में फैल रही गंदगी को गंभीरता से लेते हुए गोबर प्रबंधन के लिए नई व्यवस्था लागू करने की घोषणा की है।
महापौर ने स्वास्थ्य विभाग प्रभारी निलेश अग्रवाल, पार्षद गुलाब वर्मा और स्वास्थ्य अधिकारी दुर्गेश गुप्ता की उपस्थिति में शहर के सभी खटाल संचालकों की महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक में शहर की स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और खटाल क्षेत्रों में व्याप्त गंदगी की समस्या पर विस्तार से चर्चा की गई।
खटाल क्षेत्रों में गंदगी पर जताई नाराजगी
बैठक में सामने आया कि कई खटाल संचालक गोबर को सड़कों एवं सार्वजनिक स्थलों पर रख देते हैं या नालियों में बहा देते हैं, जिससे आसपास के क्षेत्रों में बदबू और गंदगी फैल रही है। नागरिकों की शिकायतों के बाद महापौर ने इस विषय में त्वरित संज्ञान लेते हुए सख्त कदम उठाए हैं।
महापौर अलका बाघमार ने स्पष्ट संदेश दिया कि शहर की स्वच्छता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
प्रतिदिन होगा गोबर का नियमित संग्रहण
निगम ने निर्णय लिया है कि प्रतिदिन एक अधिकृत बेंडर नियुक्त किया जाएगा, जो सभी खटालों से गोबर का नियमित संग्रहण करेगा।
सभी खटाल संचालकों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने परिसर में गोबर एकत्रित कर निर्धारित बेंडर को ही सौंपें, ताकि सड़कों और नालियों में गंदगी न फैले।
नियम तोड़ने पर तय है जुर्माना
नई व्यवस्था लागू होने के बाद यदि सड़कों या नालियों में गोबर पाया जाता है तो संबंधित खटाल संचालक पर जुर्माना लगाया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी संचालकों की होगी।
1 मार्च 2026 से लागू होगी नई व्यवस्था
यह नई व्यवस्था 1 मार्च 2026 से प्रभावी होगी। महापौर ने सभी संचालकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि स्वच्छ एवं सुंदर दुर्ग के निर्माण में सभी नागरिकों की सहभागिता आवश्यक है।
शहर को स्वच्छ और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में यह निर्णय एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
