भिलाई, 09 फरवरी (दुर्ग भिलाई अपडेट)।
भिलाई के हाउसिंग बोर्ड चरोदा क्षेत्र में धार्मिक भावनाएं आहत करने और कथित अवैध धर्मांतरण के आरोपों को लेकर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत के आधार पर पुरानी भिलाई थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्र्य अधिनियम के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया है।
जानकारी के अनुसार, एलआईजी 437, हाउसिंग बोर्ड चरोदा निवासी वनलाल वर्मा ने पुलिस को आवेदन देकर बताया कि उनके मोहल्ले में एक मकान किराए पर लेकर हर रविवार सुबह प्रार्थना सभा का आयोजन किया जाता है। आरोप है कि इस सभा में बाहर से करीब 15 से 20 लोग परिवार सहित पहुंचते हैं और कार्यक्रम के दौरान तेज आवाज में वाद्य यंत्र बजाए जाते हैं, जिससे आसपास के लोगों को परेशानी होती है।
आवेदक का आरोप है कि प्रार्थना सभा के दौरान एक धर्म को श्रेष्ठ बताकर दूसरे धर्म के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की जाती हैं, जिससे स्थानीय निवासियों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। विरोध करने पर मोहल्लेवासियों के साथ दुव्र्यवहार किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
शिकायत पत्र में बाहर से लोगों को बुलाकर धर्मांतरण कराए जाने की आशंका भी जताई गई है। साथ ही, आसपास के कई लोगों को इस घटना का प्रत्यक्षदर्शी बताते हुए संभावित गवाह के रूप में उल्लेख किया गया है।
पुलिस ने प्रथम दृष्टया भारतीय न्याय संहिता की धारा 299 तथा छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्र्य अधिनियम, 1968 की धारा 4 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों और साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है। जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की विवेचना जारी है।
