दुर्ग, 08 फरवरी (दुर्ग भिलाई अपडेट)।
दुर्ग शहर में यातायात नियमों को तोड़ना एक कार चालक को महंगा पड़ गया। लाल सिग्नल जंप करना, शराब के नशे में गाड़ी चलाना और खुद को पत्रकार बताकर पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश—all in one—लेकिन इस बार यातायात पुलिस ने कोई रियायत नहीं दी।
3 फरवरी को नेहरू नगर चौक पर नियमित चेकिंग के दौरान यातायात पुलिस की टीम ने एक स्विफ्ट कार को लाल बत्ती तोड़ते हुए पकड़ा। कार में अनधिकृत हूटर और सायरन लगे हुए थे, जिससे पुलिस को शक हुआ। वाहन रोके जाने पर चालक का व्यवहार असामान्य नजर आया, जिसके बाद ब्रीथ एनालाइजर से जांच की गई। जांच में चालक शराब के नशे में पाया गया।
कार्रवाई के दौरान चालक ने खुद को पत्रकार बताते हुए एक प्रेस पहचान पत्र दिखाकर बचने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस जांच में वह कार्ड फर्जी निकला। इसके बावजूद यातायात पुलिस ने बिना किसी दबाव के नियमों के अनुसार कार्रवाई की।
पुलिस ने आरोपी चालक के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 (नशे में वाहन चलाना), 184 (लापरवाह व खतरनाक ड्राइविंग) और 119(3) (अनधिकृत सायरन/हूटर का प्रयोग) के तहत चालानी कार्रवाई की।
यातायात पुलिस ने साफ शब्दों में कहा है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि वे शराब पीकर वाहन न चलाएं, ट्रैफिक नियमों का पालन करें और फर्जी पहचान पत्र या अवैध उपकरणों का उपयोग न करें।
