*-अर्जुन झा-*
*जगदलपुर।* बस्तर पंडुम का भले ही धूमधाम से शुरू हो गया है, लेकिन इसका उद्घाटन समारोह विवादों की वजह बन गया है। उद्घाटन समारोह राष्ट्रपति के मुख्य आतिथ्य में हुआ, मगर मंच पर बस्तर के दोनों आदिवासी सांसदों को जगह नहीं दी गई। इसे अब कांग्रेस ने बड़ा मुद्दा बना लिया है। दोनों सांसदों के इस अपमान को आदिवासी अस्मिता और बस्तर के स्वाभिमान से जोड़ते प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कड़ी नाराजगी जताई है।
दीपक बैज ने कहा है कि बस्तर पंडूम के शुभारंभ के अवसर पर राष्ट्रपति के मंच पर मुख्यमंत्री और मंत्रियों को तो स्थान दिया गया, लेकिन बस्तर के दोनों आदिवासी सांसदों, कांकेर सांसद भोजराज नाग और बस्तर के सांसद महेश कश्यप को भाजपा सरकार ने मंच पर बैठने के लायक भी नहीं समझा। जबकि प्रोटोकॉल के अनुसार सांसदों को मंच पर बैठाना था। श्री बैज ने कहा कि बस्तर के दोनों ही सांसद आदिवासी वर्ग से आते हैं और बस्तर संभाग की जनता का प्रतिनिधित्व करते हैं। इन्हें मंच पर जगह न देना महज इन सांसदों का ही नहीं बस्तर की जनता और बस्तरिया अस्मिता का अपमान है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा सरकार बस्तर पंडुम के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च कर अपनी ब्रांडिंग तो कर रही है, लेकिन बस्तर के लोगों के स्वाभिमान पर हमला करने पर तुल गई है। जिस पंडुम में बस्तर के जनप्रतिनिधि अपमानित हो रहे हैं, वहां पर आम बस्तरिया आदिवासी की क्या स्थित होगी समझा जा सकता है। श्री बैज ने कहा कि भाजपा सरकार को आदिवासी अस्मिता, आदिवासियों की धार्मिक आस्था, आदिवासी संस्कृति से कोई मतलब नहीं है। बस्तर में मची संसाधनों की लूट से ध्यान भटकाने के लिए केवल राजनैतिक इवेंट किया जा रहा है। अपने ही दल के चुने हुए सांसदों को अपमानित करके बस्तर की जनता को क्या संदेश देना चाहते हैं?
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा सरकार को न बस्तर की समृद्धि से कोई सरोकार है न ही बस्तरिया संस्कृति से। केवल अपनी ब्रांडिंग के लिए आदिवासी समाज को यह सरकार बार बार अपमानित कर रही है।

*समारोह में ऐसा था नजारा*
समूचे बस्तर संभाग में सिर्फ दो लोकसभा क्षेत्र हैं पहला बस्तर और दूसरा कांकेर। दोनों सीटों पर भाजपा के ही सांसद हैं। बस्तर से महेश कश्यप और कांकेर से भोजराज नाग। इन दोनों सांसदों को बस्तर पंडुम के उद्घाटन समारोह के मंच पर स्थान नहीं मिला। मंच पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ राजयपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं विधायक किरण सिंह देव, विराजमान थे। बस्तर के दोनों आदिवासी सांसद भोजराज नाग और महेश कश्यप दर्शक दीर्घ में बैठ कर भारत माता की जयकारे लगाते रहे। बस्तर पांडुम वेशभूषा में सज्जित दोनों सांसदों को आदिवासी कार्यक्रम के मंच पर जगह न दिया जाना चर्चा का विषय बन गया है।
