दुर्ग, 03 फरवरी (दुर्ग भिलाई अपडेट) :
थाना मोहन नगर पुलिस ने भारत सरकार और गृह मंत्रालय के अधीन कार्यरत भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के सहयोग से साइबर ठगी के एक संगठित गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो 22 म्यूल बैंक खातों के जरिए कुल 10 लाख 67 हजार 665 रुपये की साइबर धोखाधड़ी में शामिल पाए गए हैं।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, वरिष्ठ कार्यालय से मिले निर्देशों के आधार पर I4C समन्वय पोर्टल से प्राप्त इनपुट पर दिनांक 03 नवंबर 2025 को थाना मोहन नगर क्षेत्र में कार्रवाई की गई। जांच के दौरान सामने आया कि 22 बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर अपराध से अर्जित धन के लेन-देन के लिए किया जा रहा था।
विवेचना में यह पुष्टि हुई कि इन खातों के माध्यम से लाखों रुपये की ठगी की गई है। जांच में यह भी उजागर हुआ कि खाताधारकों ने जानबूझकर अपने बैंक खाते साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराए थे, ताकि ठगी की रकम को एक खाते से दूसरे खाते में ट्रांसफर किया जा सके।
इस मामले में थाना मोहन नगर में अपराध क्रमांक 593/2025 के तहत धारा 317(2), 317(4), 318(4), 111(3) एवं 61 बीएनएस के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 16 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया है, जबकि अन्य संलिप्त आरोपियों की तलाश जारी है।
गिरफ्तार आरोपियों में वरुण यादव, रितेश सोनी, निखिल खत्री, मनीष साहू, राहुल यादव, पंकज वर्मा, अंकुर सोनी, शशांक सोनी, राजू सिंह, राहुल कुमार, उज्जवल सिंह, दीपक टंडन, बबलू बलाई, रामकुमार राठौर, राकेश सेन एवं राम डंडे शामिल हैं। पुलिस ने प्रकरण में संबंधित 22 बैंक खातों का विवरण एवं अन्य डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं।
इस कार्रवाई में थाना मोहन नगर पुलिस, एसीसीयू टीम एवं तकनीकी विशेषज्ञों की अहम भूमिका रही, जिनके समन्वय और तकनीकी विश्लेषण से आरोपियों की गिरफ्तारी संभव हो सकी।
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, चेकबुक, ओटीपी या मोबाइल बैंकिंग से जुड़ी जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति को साझा न करें। साइबर अपराध से संबंधित किसी भी प्रकार की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या नजदीकी थाने में दें। साइबर अपराध में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
