दुर्ग, 29 जनवरी (दुर्ग भिलाई अपडेट)।
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर दुर्ग जिले के बघेरा स्थित आनंद सरोवर परिसर में 8 फरवरी से 16 फरवरी 2026 तक नौ दिवसीय ‘शिव दर्शन आध्यात्मिक मेला’ आयोजित किया जा रहा है। यह मेला श्रद्धा, शांति और आध्यात्मिक चेतना का अनुपम संगम होगा।
मेले की विस्तृत जानकारी देते हुए ब्रह्माकुमारीज दुर्ग की संचालिका ब्रह्माकुमारी रीटा बहन ने बताया कि संस्था द्वारा प्रतिवर्ष महाशिवरात्रि के अवसर पर विशेष आध्यात्मिक झांकियों का आयोजन किया जाता है। इसी कड़ी में इस वर्ष भी श्रद्धालुओं के लिए कई आकर्षक और दुर्लभ दृश्य प्रस्तुत किए जाएंगे।
इस आध्यात्मिक मेले में 40 फीट ऊँचे भव्य शिवलिंग, शिवलिंग पर अनवरत चलने वाला अनोखा दुग्धाभिषेक, शिव-शंकर की चैतन्य झांकी, आत्मा-परमात्मा के रहस्य, सृष्टि के उत्थान व पतन का दिव्य चित्रण तथा सूर्य-चंद्र-तारागण से परे अनजानी दुनिया का रहस्य आध्यात्मिक चित्र प्रदर्शनी के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा।
मेले का समय प्रतिदिन प्रातः 6 बजे से दोपहर 1 बजे तक एवं शाम 5 बजे से रात्रि 10 बजे तक निर्धारित किया गया है।
ब्रह्माकुमारी रीटा बहन ने बताया कि महाशिवरात्रि परमपिता परमात्मा शिव के अवतरण की स्मृति का पर्व है। निराकार परमात्मा शिव ने वर्ष 1936 में दादा लेखराज के माध्यम से मानव कल्याण हेतु दिव्य ज्ञान प्रदान किया और उन्हें प्रजापिता ब्रह्मा की उपाधि दी। इसी उद्देश्य से प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की स्थापना हुई, जो विगत 90 वर्षों से मानवता को आध्यात्मिक मार्गदर्शन दे रहा है।
इस वर्ष मेले का विशेष आकर्षण नृत्य-नाटिका ‘नशा नाश का द्वार है, राजयोग सफलता का है’ होगी, जो जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का संदेश देगी।
उल्लेखनीय है कि बघेरा स्थित आनंद सरोवर परिसर दुर्ग शहर की भीड़-भाड़ से दूर, अत्यंत शांत, प्राकृतिक और आध्यात्मिक वातावरण से परिपूर्ण स्थल है। यहां स्थित कमला दीदी सभागृह, विशाल मेडिटेशन कक्ष एवं सभाकक्ष में एक साथ 2000 से अधिक लोगों के बैठने की व्यवस्था है। इस स्थान पर पहुंचते ही मन को शांति और आत्मिक सुख की अनुभूति होती है।
