दुर्ग, 14 जनवरी (दुर्ग भिलाई अपडेट)।
छत्तीसगढ़ जीएसटी विभाग ने दुर्ग में प्रतिबंधित गुटखा कारोबार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात कारोबारी गुरमुख जुमनानी पर करीब 317 करोड़ रुपये का टैक्स और पेनल्टी ठोकी है। जांच में खुलासा हुआ है कि जुमनानी बीते लगभग पांच वर्षों से प्रदेशभर में प्रतिबंधित ‘सितार’ ब्रांड गुटखा का अवैध निर्माण और वितरण कर रहा था।
सुनियोजित नेटवर्क से चलता था अवैध कारोबार
जीएसटी विभाग की जांच में सामने आया कि गुटखा का यह धंधा पूरी प्लानिंग के साथ संचालित किया जा रहा था। गुरमुख के पिता अलग-अलग लोगों के नाम से गोदाम किराए पर लेते थे, जहां गुटखा की पैकिंग होती थी। तैयार माल को बोरियों में भरकर प्रदेश के विभिन्न इलाकों में सप्लाई किया जाता था। कार्रवाई के दौरान पुराने किरायानामे और कई अहम दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
मशीनों से होता था भारी उत्पादन
अधिकारियों के अनुसार, बाजार में मात्र 2 रुपये में बिकने वाला ‘सितार’ गुटखा अत्याधुनिक मशीनों से तैयार किया जाता था। गुटखा का फॉर्मूला तैयार करने वाले दीपक पांडे ने बताया कि एक मशीन से एक मिनट में करीब 250 पैकेट तैयार हो जाते थे। रोजाना लगभग 50 बोरा गुटखा बाजार में खपाया जाता था। मजदूर महीने में सीमित दिन काम करते थे, लेकिन उत्पादन बड़े पैमाने पर किया जाता था।
तीन फैक्ट्रियों में बंटा था पूरा सिस्टम
जुलाई 2025 में जीएसटी टीम ने जोरातराई और गनियारी स्थित फैक्ट्रियों पर छापा मारा, जहां केवल पैकिंग का काम चल रहा था। असली रॉ मटेरियल राजनांदगांव स्थित ‘कोमल फूड फैक्ट्री’ में तैयार किया जाता था, जो गुरमुख के बेटे सागर के नाम से पंजीकृत थी। कागजों में फैक्ट्री मीठी सुपारी बनाने के लिए दर्ज थी, लेकिन हकीकत में वहीं गुटखा का बेस तैयार होता था।
मजदूरों की सप्लाई छिंदवाड़ा के लेबर कॉन्ट्रेक्टर बबलू के जरिए की जाती थी।
रात के अंधेरे में चलता था गुटखा निर्माण
जांच में यह भी सामने आया कि गुटखा बनाने का काम रात 10 बजे से सुबह 7 बजे तक किया जाता था, ताकि किसी को शक न हो। वर्ष 2021 से 2025 के बीच रायपुर, दुर्ग और राजनांदगांव में किराये के गोदाम लेकर यह अवैध कारोबार लगातार चलाया गया।

सील फैक्ट्री से मशीनें निकालने का आरोप
जीएसटी कार्रवाई के बाद खाद्य विभाग ने फैक्ट्री सील कर दी थी, लेकिन आरोप है कि बाद में टीन शेड तोड़कर मशीनें और सामान बाहर निकाल लिया गया। सूत्रों के मुताबिक, गुरमुख दो साझेदारों के साथ दुर्ग में शराब बॉटलिंग प्लांट खोलने की भी योजना बना रहा था।
जमानत पर सुनवाई टली, सूचना लीक होने का शक
वर्ष 2023 में मोहन नगर पुलिस ने गुरमुख और उसके रिश्तेदार जगदीश को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया था। गुरमुख करीब 100 दिनों से जेल में बंद है और सेशन कोर्ट से उसकी जमानत खारिज हो चुकी है। हाईकोर्ट में जमानत पर होने वाली सुनवाई अब फरवरी तक टाल दी गई है।
अधिकारियों का दावा है कि छापेमारी के बाद गुरमुख फरार हो गया था और उसे विभागीय स्तर से सूचना लीक होने की आशंका जताई जा रही है, जिससे उसकी गिरफ्तारी में करीब दो महीने का वक्त लगा।
