दुर्ग, 01 जनवरी। जिले में साइबर अपराधों पर लगाम कसने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत दुर्ग पुलिस को अहम सफलता मिली है। पुलिस ने म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए मुख्य सरगना समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में बैंकिंग से जुड़ी सामग्री जब्त की गई है।
पुलिस के अनुसार, 30 दिसंबर 2025 को थाना पद्मनाभपुर में एक मोबाइल दुकान संचालक ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उसकी दुकान पर काम करने वाले युवक के जरिए उसकी पहचान लोकेश जाधव उर्फ लक्की से हुई थी। लोकेश ने बाहर से आने वाले पैसों के लेन-देन का हवाला देकर बैंक खाता उपलब्ध कराने के बदले रकम देने का लालच दिया। झांसे में आकर शिकायतकर्ता ने अपने दो बैंक खातों की जानकारी आरोपी को सौंप दी।
कुछ समय बाद जब एक बैंक खाता फ्रीज हुआ, तो शिकायतकर्ता को ठगी की आशंका हुई और उसने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। एफआईआर दर्ज होते ही मुख्य आरोपी लोकेश जाधव महाराष्ट्र फरार होने की तैयारी में था, लेकिन पुलिस ने उसे दुर्ग बस स्टैंड से धर दबोचा।
पूछताछ में आरोपी की निशानदेही पर उसके भाई टवन कुमार जाधव सहित अन्य सहयोगियों की भूमिका सामने आई। पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया। कार्रवाई में कुल 78 एटीएम व क्रेडिट कार्ड, 21 चेकबुक, 18 पासबुक और 16 विभिन्न कंपनियों के सिम कार्ड जब्त किए गए हैं।
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ थाना पद्मनाभपुर में अपराध क्रमांक 566/25 के तहत बीएनएस की विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
गिरफ्तार आरोपी:
लोकेश जाधव (35) – प्रगति मैदान, बोरसी
टवन कुमार जाधव (37) – प्रगति मैदान, बोरसी
विनय सिंह सेंगर (23) – हुडको, भिलाई
राजू गायकवाड (24) – नेहरू नगर
अमित मिश्रा (30) – हुडको, भिलाई
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के लालच में आकर अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड या सिम कार्ड किसी को न दें, क्योंकि ऐसा करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
