कोरबा, 15 दिसंबर। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के कटघोरा थाना क्षेत्र में रविवार को एक प्रार्थना सभा को लेकर ईसाई समुदाय और हिंदू संगठनों के बीच ज़बरदस्त विवाद हो गया, जिससे क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। मामला पुलिस थाने तक पहुंच गया, जहां दोनों पक्षों की भीड़ जुटने से माहौल गरमा गया।घटनास्थल और आयोजन: कटघोरा थाना क्षेत्र के सुतर्रा गांव में ईसाई समुदाय द्वारा एक खेत में पंडाल लगाकर प्रार्थना सभा आयोजित की गई थी, जिसका नेतृत्व पास्टर बजरंग जायसवाल कर रहे थे।धर्म परिवर्तन का आरोप: सैकड़ों लोगों की मौजूदगी वाली इस सभा को लेकर हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया कि ग्रामीणों को बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन कराया जा रहा था।सरपंच ने की शिकायत: गांव की सरपंच संतोषी बाई को सभा की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने इसकी शिकायत की। इसके बाद बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और सभा का विरोध किया।‘चंगाई’ का दावा: हिंदू संगठनों का आरोप है कि पास्टर प्रार्थना के ज़रिए बीमारी और अन्य तकलीफों को ठीक करने के चंगाई के दावे कर ग्रामीणों को गुमराह कर रहे थे।गंभीर आरोप: बजरंग दल के जिला अध्यक्ष नरेंद्र ठाकुर ने आरोप लगाया कि पास्टर बजरंग जायसवाल विशेष रूप से नि:संतान दंपतियों और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को निशाना बनाते हैं और प्रार्थना से इलाज का दावा करते हैं, जिससे ग्रामीण उनके झांसे में आ जाते हैं।पुरानी घटना का ज़िक्र: नरेंद्र ठाकुर ने यह भी बताया कि पास्टर जायसवाल पहले भी कटघोरा क्षेत्र में चंगाई सभा आयोजित कर चुके हैं, जिसका विरोध हुआ था और उस मामले में उन्हें जेल भी जाना पड़ा था। उन्हें बिना अनुमति सभा न करने की समझाइश भी दी गई थी, इसके बावजूद गतिविधियां जारी हैं।
थाने पर प्रदर्शन और चेतावनी
विवाद के बाद दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला और मामला कटघोरा थाने पहुंचा। थाने में हिंदू संगठनों ने पास्टर बजरंग जायसवाल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। बजरंग दल ने चेतावनी दी है कि यदि ऐसी गतिविधियां आगे भी जारी रहीं तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
पुलिस की कार्रवाई:
फिलहाल पुलिस ने सरपंच की शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए स्थिति पर नज़र रखी जा रही है।
