*अर्जुन झा*
*जगदलपुर।* संलग्नीकरण की आड़ में शिक्षा विभाग से जुड़े विभिन्न कार्यालयों में जमे भ्रष्ट शिक्षकों की दाल अब नहीं गलने वाली है।संयुक्त संचालक शिक्षा ने संलग्नीकरण के ऐसे मामलों में कड़ा एक्शन लेना शुरू कर दिया है। संयुक्त संचालक की कार्रवाई की पहली गाज ओपन प्रभारी प्रचार्य अविनाश कुमार दानी पर गिरी है। संयुक्त संचालक ने दानी को उनके मूल पद पर वापस भेज दिया है।
अपने अधिकारी और राजनीतिक पहुंच की धौंस जमाकर कई शिक्षकों ने अपना संलग्नीकरण मलाईदार विभागों में करा रखा है। ऐसे ही एक उप प्राचार्य हैं अविनाश कुमार दानी, जिन्होंने अपनी पहुंच के दम पर ओपन परीक्षा विभाग के प्रभारी के रूप में अपना संलग्नीकरण करवा लिया और वर्षों से इस पद पर कब्जा जमाए बैठे रहे।उनकी महत्वाकांक्षा इस कदर बढ़ गई थी कि उन्होंने शिक्षा विभाग में लूट मचा दी थी। उन्होंने ओपन परीक्षा के मोह में श्री दानी इस कदर डूब गए थे कि उन्होंने प्राचार्य पद पर अपने प्रमोशन तक को ठुकरा दिया था। उन्होंने सलग्नीकरण का वर्षों फायदा लिया। ओपन परीक्षा विभाग के प्रभारी बने रह कर पूरे जिले के गरीब आदिवासी और अन्य छात्रों को जी भर कर लूटते रहे हैं। अब जेडी के इस आदेश के बाद उनकी स्थिति क्या बनती है देखने की बात रहेगी। हालांकि उनके ही एक साथी शिक्षक के अनुसार प्रभारी ओपन परीक्षा, का दावा है कि अभी दो वर्ष तक अवश्य रहेंगे। जिसके लिए उन्हें जिस स्तर पर जाना पड़े, वे अवश्य जाएंगे। विदित हो कि शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक श्री सोम द्वारा 12 दिसंबर को जारी आदेश के अनुसार संलग्नीकारण समाप्त करते हुए अविनाश कुमार दानी प्राचार्य शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सिरिसगुड़ा विकासखंड तोकापाल को उनके मूल पदस्थापना स्थान पर भारमुक्त कर दिया गया है। बता दें कि श्री दानी वर्तमान में अपने मूल पद के साथ-साथ महारानी लक्ष्मीबाई कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय जगदलपुर में उप प्राचार्य के पद पर कार्य कर रहे हैं।
