*****अर्जुन झा*****
*दल्ली राजहरा।* विधायक प्रतिनिधि एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता रतिराम कोसमा, नगर पालिका में नेता प्रतिपक्ष सूरज विभोर एवं उप नेता प्रतिपक्ष प्राची सिन्हा ने नगर पालिका अध्यक्ष पर तानाशाही, मनमानी और शहर का विकास अवरुद्ध करने का आरोप लगाया है।
एक बयान जारी कर श्री कोसमा, श्री विभोर और सुश्री सिन्हा ने कहा है कि दल्ली राजहरा नगर पालिका के वर्तमान कार्यकाल को लगभग नौ माह बीत चुके हैं, परंतु अत्यंत खेद और आक्रोश के साथ यह बताना पड़ रहा है कि भाजपा शासित नगर पालिका के अध्यक्ष द्वारा शहर के विकास और जनहित के मुद्दों पर चर्चा करने हेतु सामान्य सभा की एक भी बैठक आयोजित नहीं की गई है। हम इस अलोकतांत्रिक और मनमाने रवैये की कड़ी निंदा करते हैं। उन्होंने नपा अध्यक्ष पर अधिनियम का उल्लंघन और संवैधानिक दायित्वों से पलायन करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 35 के तहत यह स्पष्ट प्रावधान है कि नगर के विकास और सुचारू प्रशासन के लिए प्रत्येक दो माह में कम से कम एक सामान्य सभा की बैठक आयोजित करना आवश्यक है। नौ माह बीत जाने के बावजूद चार अनिवार्य बैठकों में से एक का भी आयोजन न करना स्पष्ट रूप से अधिनियम का उल्लंघन है और अध्यक्ष की ओर से अपने संवैधानिक दायित्वों से घोर पलायन है। उन्होंने कहा है कि नगर पालिका अध्यक्ष की यह निष्क्रियता और मनमानी शहर के विकास को बाधित कर रही है। सामान्य सभा की बैठक आयोजित न होने के कारण शहर के लिए आवश्यक नई विकास परियोजनाओं पर चर्चा और उन्हें पारित करने की प्रक्रिया पूरी तरह से ठप है। अध्यक्ष विशेष मुद्दों को लेकर भी स्वयं अपनी मनमर्ज़ी से एकतरफा निर्णय ले रहे हैं, जिसमें पार्षदों और जनता की राय को पूरी तरह से दरकिनार किया जा रहा है। रतिराम कोसमा, सूरज विभोर और प्राची सिन्हा ने कहा है कि सामान्य सभा ही वह मंच है जहां विपक्ष और सत्ता पक्ष मिलकर जनता के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित करते हैं। इस बैठक का आयोजन न होना जनता के प्रति जवाबदेही को खत्म करने के समान है। उन्होंने दल्ली राजहरा नगर पालिका के सभी विपक्षी प्रतिनिधियों और नगर पालिका अध्यक्ष से मांग की है कि धारा 35 के तहत अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए अविलंब सामान्य सभा की बैठक का आयोजन किया जाए, पिछली नौ माह की अवधि में अध्यक्ष द्वारा लिए गए सभी मनमाने निर्णयों को सामान्य सभा में चर्चा और अनुमोदन के लिए रखा जाए। शहर के विकास को गति देने और जनता के हितों की रक्षा के लिए सामान्य सभा की बैठक का आयोजन अत्यंत आवश्यक है। यदि अध्यक्ष द्वारा इस मांग पर त्वरित कार्रवाई नहीं की गई, तो जनता के हितों की रक्षा हेतु सड़कों पर उतरकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा।
