*****अर्जुन झा*****
*जगदलपुर।* पीएम श्री स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम स्कूल करपावंड में सत्र 2025-26 का वार्षिक उत्सव धूमधाम से मनाया गया। छात्र छात्राओं ने विभिन्न खेलकूद विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी।
विजेताओं को पुरस्कार वितरण किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में लोक नृत्य का प्रदर्शन किया गया। इसमें सभी छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्था के प्राचार्य दशमत कुमार कश्यप ने कहा कि खेल से शारीरिक फिटनेस बना रहता है। हमारे पास ग्राउंड भी पर्याप्त है। इसमें विभिन्न प्रकार के खेल कराए जा सकते हैं। लोकनृत्य का जिक्र करते हुए श्री कश्यप ने कहा कि अब ग्रामीण क्षेत्र में भी नृत्य का आयोजन किया जा रहा है। सभी ग्रामीण क्षेत्र के लोग बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। पहले शहरी क्षेत्र में देखने को मिलता था। प्राचार्य श्री कश्यप ने कहा कि खेल एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ पढ़ाई का भी महत्व है। पढ़ाई की ओर छात्रों को विशेष ध्यान देना चाहिए। सरकार की ओर से शिक्षा को पर्याप्त महत्व दिया जा रहा है। फिर भी ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा का स्तर में प्रगति अभी नहीं हुई है। आजादी के 76 वें वर्ष में भी हम शहरी क्षेत्र की अपेक्षा शिक्षा में पीछे हैं। इसका मुख्य कारण है पालकों में जागरूकता कमी। यदि पालक जागरूक होंगे, तो ग्रामीण क्षेत्र की शिक्षा भी शहरी क्षेत्र की बराबर हो जाएगी। शहरी क्षेत्र में जागरूक पालक निवास करते हैं। इसीलिए शहरी क्षेत्र शिक्षा का स्तर ग्रामीण क्षेत्र से आगे है। पीएम श्री का जिक्र करते हुए श्री कश्यप ने बताया कि जिले में सात विकासखंडों में से चार विकासखंडों के स्कूलों का पीएम श्री स्कूल में उन्नयन हुआ है। आप सभी छात्र-छात्राएं सौभाग्यशाली हैं कि पीएम श्री स्कूल में आपको अध्ययन करने का मौका मिला है। प्राचार्य ने छात्र-छात्राओं की अनुपस्थिति पर चिंता जता ते हुए कहा कि अच्छे शैक्षिक स्तर तक पहुंचने के लिए प्रतिदिन छात्रों को उपस्थित होना पड़ेगा। क्लास में पूरे समय रहकर अध्ययन करना होगा। अभी 10वीं 12वीं बोर्ड परीक्षाएं प्रारंभ होने वाली है। छात्रों को घर में कठिन परिश्रम करने की जरूरत है।

इस अवसर पर ग्राम के सरपंच लखमू राम नेताम व लोकेंद्र निषाद ने भी विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि पालक, शिक्षक, शिक्षिकाएं एवं ग्रामीण उपस्थित थे।
