*****अर्जुन झा*****
*बस्तर।* राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (एससीईआरटी) की टीम ने आज बस्तर विकासखंड के विद्यालयों का शैक्षणिक अवलोकन किया। टीम ने प्राथमिक शाला खैरगुड़ा एवं प्राथमिक शाला मुंडकटिया पारा का भ्रमण कर बहुभाषी शिक्षा कार्यक्रम, शाला संग्रहालय तथा समुदाय सहभागिता के अंतर्गत किए जा रहे प्रयासों का मूल्यांकन किया।

अवलोकन के दौरान टीम ने स्थानीय भाषा के माध्यम से बच्चों के शिक्षण की प्रक्रिया को समझा। बच्चों की भाषा का शिक्षक किस प्रकार शिक्षण में उपयोग कर रहे हैं, इस पर विशेष ध्यान दिया गया। पालकों से मुलाकात कर स्थानीय भाषा आधारित शिक्षण के प्रभाव के संबंध में उनके अनुभव भी प्राप्त किए गए। राजस्थान टीम ने शाला में निर्मित शाला संग्रहालय का भी अवलोकन किया। संग्रहालय के उद्देश्य, निर्माण प्रक्रिया तथा इसके माध्यम से सीखने–सिखाने के तरीकों पर विस्तृत चर्चा की गई। शिक्षकों एवं पालकों ने संग्रहालय के उपयोग को लेकर अपने अनुभव साझा किए। राजस्थान की टीम ने विद्यार्थियों से गीत, कविता, स्थानीय कहानियां, पुस्तक वाचन, संख्या पहचान एवं अभ्यास पुस्तिकाओं से संबंधित गतिविधियां करवाईं। शिक्षण सामग्री, बच्चों की समझ और कक्षा में सहभागिता पर भी चर्चा की गई। शिक्षकों से यह भी जानने का प्रयास किया गया कि अध्यापन कार्य के अतिरिक्त वे बच्चों के रिपोर्ट कार्ड कैसे तैयार करते हैं, उपस्थिति बढ़ाने के लिए क्या प्रयास करते हैं तथा बहुभाषी शिक्षण के कारण सीखने के परिणामों में क्या बदलाव आया है? इस अवसर पर राजस्थान एससीईआरटी टीम से डॉ. मनीषा उज्जवल, स्लेगली दीप, नरेश पवार, डॉ. उदयलाल नागदा, सुरेश कुमार विजारनिया, लता लबाना उपस्थित रहे। डाइट बस्तर से प्राचार्य डॉ. नितिन डड़सेना एवं डॉ. स्टेनली जॉन, खंड शिक्षा अधिकारी भारती देवांगन, बीआरसी अजंबर कोरार्म, संकुल प्राचार्य श्यामलाल नेताम, संकुल समन्वयक कृष्णा सिंह ठाकुर, हरदेव बघेल तथा एफएलएन टीम से हेमप्रकाश, ईश्वर साहू और सुरेंद्र विश्वकर्मा प्राथमिक शाला खैरगुड़ा प्रधान अध्यापक छन्नू राम मंडावी, इंदुमति बाई, सुमेश बघेल, राजेंद्र सिंह, लोकेश्वर यदु, योगेंद्र निषाद, हरदेव कश्यप तथा शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष चमरूराम यादव, जगुरूराम कश्यप, जनपद सदस्य समली कश्यप, उपसरपंच श्यामबती ठाकुर, कुसुमलता, जंयती, बालमती, गिरीराम ठाकुर, मनोज कुमार सहित पालक उपस्थित थे।
