दुर्ग। अपने ही चार वर्षीय बच्चे की जान लेने वाले मामले में अदालत ने कठोर निर्णय करते हुए बच्चे की मां और सौतेले पिता को उम्र भर जेल में रहने की सजा सुनाई है। दोनों पर 1000 रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। यदि वे यह राशि जमा नहीं करते हैं, तो उन्हें अतिरिक्त 8 महीनों की कैद भुगतनी होगी।
घटना करीब दो वर्ष पुरानी है। गायत्री के पहले विवाह से जन्मे बेटे जगदीप सिंह (4) के साथ उसका सौतेला पिता मनप्रीत आए दिन हिंसक व्यवहार करता था। बताया गया कि मां भी बच्चे को पीटने में शामिल रहती थी। 31 जनवरी 2023 की रात दोनों ने मासूम को बुरी तरह से डांटा-फटकारा और मारा, जिससे उसे गंभीर आंतरिक चोटें आईं। बच्चा बेहोश हो गया और अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बच्चे की मौत को छिपाने के लिए दोनों ने बिना सूचना दिए अंतिम संस्कार करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस को संदेह होने पर हस्तक्षेप करना पड़ा। पोस्टमार्टम में स्पष्ट हुआ कि अत्यधिक मारपीट के कारण ही बच्चे की मौत हुई थी। इसके बाद पुलिस ने दंपति को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया शुरू की थी।
मामले की सुनवाई पूरी होने पर कोर्ट ने दोनों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास का आदेश जारी किया। फैसले के बाद इस घटना को लेकर समाज में फिर एक बार बच्चों पर घरेलू हिंसा को लेकर चिंता जताई जा रही है।
