*अर्जुन झा*
*जगदलपुर।* संयुक्त प्रधान पाठक कल्याण संघ के प्रदेश अध्यक्ष कमल दास मुरचुले ने मध्यान्ह भोजन रसोईया संघ के अनिश्चित कालीन आंदोलन के दौरान दो रसोइया बहनों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया है और इसे लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं।
प्रदेश अध्यक्ष कमल दास मुरचुले ने कहा है कि यह घटना राज्य की प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है। शासन और संगठन के बीच की मुख्य कड़ी प्रशासनिक अधिकारी होते हैं पर जब ये लोग ही लापरवाह और गैर जिम्मेदाराना रवैया अपनाने लग जाएं तो एसा भयावाह घटनाक्रम क्रम होना तय है। इसका ताजा उदाहरण हमारी दो दो हड़ताली रसोइया बहनों की मृत्यु है। श्री मुरचुले ने कहा है कि इस प्रशासनिक लापरवाही की जांच सरकार को करानी चाहिए।. कमल दास मुरचुले ने कहा है किदो रसोइया बहनों की मौत के लिए जो भी अधिकारी जिम्मेदार हैं, उन्हें चिन्हित कर दंडित किया जाए और दिवंगत रसोईया बहनो के परिवारजनों को शासकीय नौकरी और 50-50 लाख मुआवजा प्रदान किया जाए। श्री मुरचुले ने कहा है कि आंदोलन के दौरान अगर कोई भी वारदात होती है तो सभी को संवैधानिक रूप से उपचार का अधिकार है इलाज में हुई देरी एवं शासन प्रशासन द्वारा इस विषय को गंभीरता से नहीं लिया गया। इस कारण दो रसोईया बहनों की मौत हुई है हमारा संगठन संयुक्त प्रधान पाठक कल्याण संघ आंदोलन में मृत बहनों को सादर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मांग करता है कि ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो और उचित न्याय मिले ल श्री मुरचुले ने कहा है कि मध्यान्ह भोजन रसोईया संघ की मांग जायज है और हमारे संगठन द्वारा पहले ही शासन प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित करा दिया गया था।
