दुर्ग, 22 दिसंबर। जिले में कानून-व्यवस्था को पुख्ता करने और सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए दुर्ग पुलिस ने कमर कस ली है। शनिवार, 21 दिसंबर को पुलिस ने ‘ऑपरेशन सुरक्षा’ और ‘ऑपरेशन विश्वास’ के तहत छावनी, भिलाई नगर और दुर्ग संभाग में एक साथ बड़ी कार्रवाई की। इस अचानक हुई छापेमारी से जिले के संदिग्ध ठिकानों और अड्डेबाजों में हड़कंप मच गया।
तीन जांबाज कप्तानों के नेतृत्व में 100 जवानों ने संभाला मोर्चा
यह पूरी कार्रवाई राजपत्रित अधिकारियों की सीधी निगरानी में हुई। अभियान को सफल बनाने के लिए 100 से अधिक पुलिस कर्मियों की टीमें बनाई गई थीं:
दुर्ग संभाग: नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) हर्षित मैहर के नेतृत्व में।
भिलाई नगर: CSP सत्य प्रकाश तिवारी के नेतृत्व में।
छावनी संभाग: CSP अनूप लकड़ा के नेतृत्व में।
इन टीमों ने शहर के मुख्य चौक-चौराहों और उन संदिग्ध गलियों में सघन जांच की, जहाँ अक्सर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता है।
सड़क पर लापरवाही पड़ी भारी: 10 वाहन जब्त
सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन सुरक्षा’ के तहत पुलिस ने उन भारी वाहनों पर गाज गिराई जो बिना किसी सुरक्षा संकेत के सड़क किनारे असुरक्षित ढंग से खड़े थे। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 285 के तहत कुल 10 वाहन स्वामियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उनके वाहन जब्त किए हैं।
थानावार कार्रवाई का विवरण:
| थाना | दर्ज प्रकरण |
| उतई | 03 |
| पाटन | 02 |
| नंदिनी | 02 |
| जेवरा, सुपेला, अमलेश्वर | 01-01 |
सार्वजनिक स्थानों पर जाम छलकाने वालों की खैर नहीं
शांति व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर नकेल कसने के लिए ‘ऑपरेशन विश्वास’ चलाया गया। इसके तहत सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीकर हुड़दंग करने वाले 22 लोगों को पकड़ा गया। इन सभी के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की गई है।
पुलिस की चेतावनी: दुर्ग पुलिस ने साफ कर दिया है कि यह कार्रवाई सिर्फ एक दिन की नहीं है। आने वाले दिनों में भी अड्डेबाजी, लापरवाही से वाहन पार्क करने और सार्वजनिक नशाखोरी करने वालों के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा।





