राजमुंदरी 24 Feb, (दुर्ग भिलाई अपडेट): आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां के राजमुंदरी इलाके में पिछले 48 घंटों के भीतर अचानक किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारी के चलते चार लोगों की मौत हो गई है। इसके अलावा 12 अन्य लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है, जिनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि जान गंवाने वाले और बीमार पड़े सभी लोग 65 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग हैं। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
मिलावटी दूध पीने से बिगड़ी तबीयत
इस पूरे मामले की जब शुरुआती जांच की गई तो एक बेहद चौंकाने वाली सच्चाई निकलकर सामने आई। स्वास्थ्य अधिकारियों और पुलिस की जांच में यह पता चला है कि इन सभी पीड़ित बुजुर्गों ने मिलावटी दूध का सेवन किया था। इस कथित ‘जहरीले’ और मिलावटी दूध को पीने के कुछ ही समय बाद इन लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी, जिसने देखते ही देखते चार लोगों की जान ले ली और कई लोगों को अस्पताल के बिस्तर पर पहुंचा दिया।
पानी के सैंपल निकले सही तो खुला दूध का राज
इतनी बड़ी संख्या में लोगों के बीमार पड़ने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया था। सबसे पहले प्रभावित इलाकों में पीने के पानी के सैंपल लिए गए और उनकी जांच की गई। जब पानी की रिपोर्ट बिल्कुल सही आई, तो जांच की दिशा बदली गई। बारीकी से छानबीन करने पर सभी पीड़ित परिवारों के बीच एक अहम लिंक सामने आया कि इन सभी ने एक ही वेंडर से दूध खरीदा था। इसी सुराग के बाद से प्रशासन मिलावटी दूध के एंगल से सघन जांच कर रहा है।
आरोपी दूध विक्रेता हिरासत में, अवैध डेयरी सीज
मामले का खुलासा होने के बाद जांच कर रहे अधिकारियों ने कोरुकोंडा मंडल के नरसापुरम गांव में छापेमारी की और एक दूध विक्रेता को हिरासत में ले लिया। जांच के दौरान पता चला कि वह अवैध रूप से डेयरी यूनिट चला रहा था, जिसे तुरंत सीज कर दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि इस आरोपी वेंडर ने इलाके के कुल 105 परिवारों को दूध की सप्लाई की थी, जिनमें से 75 परिवारों से दूध के सैंपल जांच के लिए जुटाए गए हैं ताकि इस जानलेवा बीमारी के सटीक कारण का पता लगाया जा सके।
सीएम चंद्रबाबू नायडू ने बुलाई इमरजेंसी मीटिंग
हालात की गंभीरता को देखते हुए विजयवाड़ा से स्पेशल मेडिकल और रेस्क्यू टीमें स्थिति पर नजर रखने के लिए राजमुंदरी पहुंच चुकी हैं। वहीं, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने भी इस हृदयविदारक घटना का कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने आला अधिकारियों के साथ एक इमरजेंसी रिव्यू मीटिंग की और पीड़ितों को तुरंत और बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के सख्त निर्देश दिए हैं। प्रशासन अब पूरे इलाके में अलर्ट पर है।
