कानपुर, 12 फरवरी (दुर्ग भिलाई अपडेट)।
कानपुर के चर्चित लेम्बोर्गिनी हिट एंड रन मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा के बेटे और मुख्य आरोपी शिवम मिश्रा को एसओजी टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। वह पिछले कई दिनों से फरार चल रहा था। पुलिस उसे कोर्ट में पेश करने की तैयारी में है।
यह हादसा 8 फरवरी की दोपहर वीआईपी रोड पर हुआ था, जहां तेज रफ्तार लेम्बोर्गिनी कार ने बुलेट और ऑटो को टक्कर मार दी थी। दुर्घटना में चार लोग घायल हो गए थे। घटना के बाद से ही मामला हाई-प्रोफाइल बन गया था।
ड्राइवर का सरेंडर प्लान फेल
गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी पक्ष की ओर से कानूनी दांव-पेच खेले गए। मोहन एम नामक व्यक्ति ने खुद को स्थायी ड्राइवर बताते हुए कोर्ट में सरेंडर अर्जी दाखिल की और दावा किया कि घटना के समय वही कार चला रहा था।
हालांकि, ग्वालटोली पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि जांच में मोहन का नाम सामने नहीं आया है। पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर एसीजेएम कोर्ट ने सरेंडर अर्जी खारिज कर दी। बचाव पक्ष के वकील धर्मेंद्र कुमार धर्मू ने इस आदेश के खिलाफ जिला जज कोर्ट में रिवीजन दायर करने की बात कही है।
पुलिस ने बताया- शिवम ही था चालक
पुलिस जांच में शिवम मिश्रा का नाम चालक के रूप में सामने आया है। शिवम की ओर से कार रिलीज करने के लिए भी अर्जी दी गई थी, जिसमें दावा किया गया था कि कार से कोई हादसा नहीं हुआ और भीड़ ने शीशा तोड़ा था।
पुलिस ने कोर्ट को बताया कि वाहन संख्या DL 11 CF 4018 लेम्बोर्गिनी कार से ही दुर्घटना हुई है। कोर्ट ने शिवम को वाहन से जुड़े दस्तावेज जमा करने और थाना प्रभारी को वाहन परीक्षण कर 13 फरवरी तक रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है। पुलिस ने पहले ही शिवम को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किया था।
पीड़ित ने किया समझौता
मामले में नया मोड़ तब आया जब वादी मोहम्मद तौफीक ने कोर्ट में समझौता पत्र दाखिल किया। चमनगंज निवासी और ई-रिक्शा चालक तौफीक ने बताया कि हादसे में उनके पैर में चोट आई थी और उनका इलाज करा दिया गया है। उन्होंने कहा कि अब उन्हें आरोपी पक्ष से कोई शिकायत नहीं है।
वकील धर्मेंद्र सिंह धर्मू ने बताया कि पीड़ित को इलाज का खर्च मिल चुका है और वह संतुष्ट है। हालांकि, पुलिस की कानूनी कार्रवाई जारी है और अब शिवम को अदालत में पेश किया जाएगा।
