जयपुर, 05 फरवरी (दुर्ग भिलाई अपडेट)।
राजस्थान की राजधानी जयपुर से एक गंभीर और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। महेश नगर थाना क्षेत्र में एक सस्पेंडेड लेक्चरर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान मनोहर लाल भादू (35) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से जालोर जिले के सांचौर क्षेत्र के निवासी थे।
मृतक के पास से एक सुसाइड नोट मिलने का दावा किया गया है, जिसमें उन्होंने पुलिस और जांच एजेंसियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। नोट में मनोहर लाल ने अपनी मृत्यु के लिए पुलिस प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है और इसे “इरादतन हत्या” बताया है।
सुसाइड नोट में जांच एजेंसियों पर उत्पीड़न के आरोप
मृतक द्वारा छोड़े गए नोट में एसओजी (SOG) और पुलिस अधिकारियों पर मानसिक दबाव, जबरन जांच में फंसाने और भ्रष्टाचार जैसे आरोप लगाए गए हैं। नोट के अनुसार—
उन मामलों में आरोपी बनाया गया जिनसे उनका कोई सीधा संबंध नहीं था
जांच के नाम पर मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी
आर्थिक संकट और कानूनी परेशानियों के कारण बीते चार वर्षों से तनाव में थे
नोट में उन्होंने लिखा कि वे कमजोर नहीं थे, लेकिन लगातार लगाए जा रहे आरोपों ने उन्हें भीतर से तोड़ दिया।
परिवार की जिम्मेदारियों का भी जिक्र
मनोहर लाल जयपुर में किराए के मकान में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे। उनकी पत्नी और तीन बच्चे गांव में रहते हैं। सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा है कि वे अपने परिवार के कई सदस्यों की जिम्मेदारी अकेले निभा रहे थे, लेकिन परिस्थितियां उनके खिलाफ होती चली गईं।
घटना के बाद प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल
घटना के बाद स्थानीय स्तर पर प्रशासन की संवेदनशीलता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि सूचना मिलने के बावजूद कार्रवाई में देरी हुई, जिससे मामला और गंभीर हो गया।
पुलिस का बयान
महेश नगर थाना पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सवाई मानसिंह अस्पताल की मॉर्च्युरी में सुरक्षित रखवाया है। थाना प्रभारी सुरेश यादव ने बताया कि सोशल मीडिया पर सामने आए सुसाइड नोट की प्रामाणिकता की जांच की जा रही है। परिजनों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
