नई दिल्ली | 05 फरवरी (दुर्ग भिलाई अपडेट)
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े एक बड़े मामले में सख्त कदम उठाते हुए विश्वविद्यालय के चेयरमैन जावेद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार किया है। उन पर संस्थान के संचालन में गंभीर अनियमितताओं और जालसाजी के आरोप हैं। यह कार्रवाई विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा दर्ज कराई गई दो अलग-अलग एफआईआर के आधार पर की गई है।
लाल किला धमाके की जांच से खुला मामला
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस केस की जड़ें लाल किले के पास हुए धमाके की जांच से जुड़ी हैं। घटना के बाद जब सुरक्षा एजेंसियों ने जांच का दायरा बढ़ाया, तो अल-फलाह यूनिवर्सिटी के प्रशासन और फंडिंग से जुड़े कई संदिग्ध तथ्य सामने आए। इन्हीं इनपुट्स के आधार पर क्राइम ब्रांच ने विस्तृत जांच शुरू की।
ED पहले से कर रही थी मनी ट्रेल की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी पहले से ही वित्तीय लेन-देन की जांच में जुटी हुई थी। ईडी की जांच के दौरान मिले अहम सबूतों के बाद दिल्ली पुलिस ने जावेद सिद्दीकी को हिरासत में लिया। लंबी पूछताछ के बाद उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।
चार दिन की पुलिस रिमांड मंजूर
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां पुलिस ने गहन पूछताछ की आवश्यकता बताते हुए रिमांड की मांग की। अदालत ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सिद्दीकी को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। इस दौरान यूनिवर्सिटी से जुड़े अन्य संदिग्ध आर्थिक लेन-देन और दस्तावेजों की जांच की जाएगी।
पहले भी आतंकी कनेक्शन को लेकर आ चुका है नाम
गौरतलब है कि अल-फलाह यूनिवर्सिटी पहले भी सुरक्षा एजेंसियों की जांच के दायरे में रही है। कुछ समय पहले फरीदाबाद और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में इसी विश्वविद्यालय में कार्यरत एक शिक्षक को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद से ही यूनिवर्सिटी की गतिविधियों पर जांच एजेंसियों की कड़ी नजर बनी हुई थी।
