नांदेड़, 03 फरवरी (दुर्ग भिलाई अपडेट):
महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। पंचायत चुनाव में सरपंच पद हासिल करने की चाह ने एक पिता को इतना निर्दयी बना दिया कि उसने अपनी ही छह साल की मासूम बेटी की हत्या कर दी। पुलिस जांच में सामने आए तथ्यों ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया है।
आरोपी को डर था कि वह “दो संतान नियम” के कारण पंचायत चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित हो सकता है। इसी डर से उसने अपने ही परिवार को उजाड़ने जैसा घिनौना फैसला ले लिया।
दो बच्चों के नियम से बचने की साजिश
नांदेड़ जिले के केरूर गांव का रहने वाला 28 वर्षीय पांडुरंग कोंडमंगले पेशे से सैलून संचालक है। उसके तीन बच्चे थे—छह साल की जुड़वां बेटियां और तीन साल का एक बेटा। पांडुरंग गांव का सरपंच बनना चाहता था, लेकिन महाराष्ट्र पंचायत राज अधिनियम के अनुसार दो से अधिक संतान होने पर उम्मीदवार चुनाव लड़ने के योग्य नहीं माना जाता। इसी कानून को अपने रास्ते की सबसे बड़ी रुकावट मानकर उसने अपराध का रास्ता चुना।
मौजूदा सरपंच भी निकला साजिश में शामिल
पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि इस अपराध में गांव का वर्तमान सरपंच गणेश शिंदे भी शामिल था। दोनों ने मिलकर पहले बच्ची को छोड़ने या गोद देने जैसे विकल्पों पर विचार किया, लेकिन जन्म प्रमाण पत्र में नाम दर्ज होने के कारण कानूनी अड़चनों का डर उन्हें सता रहा था। सत्ता की लालसा में अंधे होकर उन्होंने हत्या की साजिश रच डाली।
तेलंगाना में वारदात को दिया अंजाम
योजना के तहत आरोपी अपनी बेटी को बाइक पर बैठाकर तेलंगाना के निजामाबाद जिले तक ले गया और वहां एक नहर में बच्ची को धक्का दे दिया। कुछ समय बाद स्थानीय लोगों ने पानी में शव देखा और पुलिस को सूचना दी। सोशल मीडिया के माध्यम से शव की पहचान की गई।
शुरुआत में आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस ने आरोपी पिता और वर्तमान सरपंच के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
