नई दिल्ली, 31 जनवरी (दुर्ग भिलाई अपडेट) –
देशभर के वाहन चालकों के लिए राहत भरी खबर है। कार, जीप और वैन जैसे निजी वाहनों के लिए फास्टैग जारी कराने की प्रक्रिया को और अधिक सरल करते हुए नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने बड़ा फैसला लिया है। नई गाइडलाइन के अनुसार 1 फरवरी 2026 से फास्टैग जारी करने के दौरान KYV (नो योर व्हीकल) प्रक्रिया को अनिवार्य नहीं रखा जाएगा।
इस निर्णय का लाभ न केवल नए वाहन मालिकों को मिलेगा, बल्कि उन लाखों लोगों को भी राहत मिलेगी जिनके वाहनों में पहले से फास्टैग लगा हुआ है। अब ऐसे वाहन स्वामियों को रुटीन KYV के नाम पर बार-बार दस्तावेज जमा कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
तकनीकी और प्रशासनिक अड़चनों से मिलेगी राहत
NHAI के अनुसार, अब तक फास्टैग एक्टिव होने के बाद भी KYV वेरिफिकेशन के चलते कई तकनीकी व प्रशासनिक समस्याएं सामने आती रही हैं। कई मामलों में बैंकों या फास्टैग जारी करने वाली एजेंसियों द्वारा वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी न होने के कारण टोल भुगतान में बाधा आती थी। इससे वाहन चालकों को टोल प्लाजा पर रुकना पड़ता था और अनावश्यक विवाद की स्थिति बन जाती थी।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद ऐसे मामलों में भारी कमी आने की उम्मीद है।
अब जरूरत पड़ने पर ही होगी KYV प्रक्रिया
NHAI ने स्पष्ट किया है कि KYV प्रक्रिया को पूरी तरह समाप्त नहीं किया गया है, बल्कि इसे जरूरत आधारित कर दिया गया है। यदि किसी फास्टैग के गलत इस्तेमाल, नियमों के विपरीत जारी होने, या किसी तकनीकी गड़बड़ी की शिकायत मिलती है, तभी संबंधित वाहन के लिए KYV जांच की जाएगी। सामान्य रूप से सही और सक्रिय फास्टैग पर दोबारा दस्तावेज नहीं मांगे जाएंगे।
सरकारी वाहन पोर्टल से होगा सीधा सत्यापन
फास्टैग जारी करने वाले बैंकों और एजेंसियों के लिए भी नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। अब फास्टैग को एक्टिव करने से पहले सरकारी वाहन पोर्टल के डेटाबेस से वाहन का प्री-एक्टिवेशन वैलिडेशन करना अनिवार्य होगा। इससे वाहन का पंजीकरण, श्रेणी और अन्य विवरण सीधे सरकारी रिकॉर्ड से सत्यापित हो जाएंगे।
इस व्यवस्था से फर्जी फास्टैग जारी होने की संभावनाएं कम होंगी और पारदर्शिता बढ़ेगी।
टोल भुगतान प्रक्रिया होगी अधिक तेज और सुचारु
NHAI के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पोस्ट-इश्यूएंस KYV की बाध्यता खत्म होने से टोल प्लाजा पर भुगतान प्रक्रिया और अधिक सीमलेस हो जाएगी। फास्टैग से भुगतान के दौरान तकनीकी अड़चनें कम होंगी, जिससे टोल प्लाजा पर वाहनों की कतारें घटेंगी और लोगों का समय बचेगा।
डिजिटल इंडिया की दिशा में एक और कदम
NHAI का मानना है कि यह फैसला डिजिटल टोल कलेक्शन सिस्टम को और मजबूत करेगा। इससे फास्टैग उपयोगकर्ताओं का भरोसा बढ़ेगा और राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात व्यवस्था भी अधिक सुचारु हो सकेगी।
