कोलकाता, 29 जनवरी (दुर्ग भिलाई अपडेट)।
आनंदपुर इलाके में मोमो गोदाम में लगी भीषण आग के चार दिन बाद भी हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 21 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 28 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। समय बीतने के साथ लापता लोगों के जीवित मिलने की उम्मीदें कम होती जा रही हैं, जिससे पीड़ित परिवारों में शोक और बेचैनी का माहौल है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। दमकल विभाग की शिकायत पर नरेंद्रपुर थाने में लापरवाही से मौत का मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए भी प्रकरण दर्ज किया है। इन्हीं मामलों के तहत मंगलवार रात गरिया क्षेत्र से गंगाधर दास को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिससे पूछताछ जारी है।
दमकल विभाग के महानिदेशक रणवीर कुमार ने बताया कि संबंधित गोदामों को किसी भी प्रकार की अग्नि सुरक्षा मंजूरी नहीं दी गई थी। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि विभागीय स्तर पर चूक की संभावना है, जिसकी जांच कराई जाएगी। वहीं, कोलकाता नगर निगम (KMC) की भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि गोदाम भरी गई आर्द्रभूमि (वेटलैंड) पर बनाए गए थे। हालांकि, कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने इन दावों से अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि किसी नई वेटलैंड को भरे जाने की जानकारी उन्हें नहीं है।
मुआवजे और नौकरी का ऐलान
मेयर फिरहाद हकीम ने घोषणा की है कि मृतकों और लापता लोगों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। पहचान प्रक्रिया पूरी होने के बाद चेक सौंपे जाएंगे।
वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ऐलान किया है कि इस हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिवार के एक सदस्य को सिविक वॉलंटियर की नौकरी दी जाएगी।
जुलूस को लेकर हाईकोर्ट की शर्त
इधर, आनंदपुर अग्निकांड के विरोध में जुलूस निकालने के मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी को सशर्त अनुमति दे दी है। जस्टिस शुभ्रा घोष की पीठ ने कहा कि शुभेंदु अधिकारी आज जुलूस निकाल सकते हैं, लेकिन जुलूस का रूट बदला जाएगा।
इससे पहले प्रशासन ने आधी रात से भारतीय न्याय संहिता की धारा 163 (पूर्व में धारा 144) लागू कर इलाके में निषेधाज्ञा लगा दी थी। इसे चुनौती देते हुए शुभेंदु अधिकारी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर गरिया शीतलमंदिर क्षेत्र के दौरे और जुलूस की अनुमति मांगी थी।
तबाही का मंजर
आग ने आनंदपुर के नाजिराबाद इलाके को पूरी तरह तबाही में बदल दिया है। कभी मजदूरों और गोदाम गतिविधियों से गुलजार रहने वाला इलाका अब खंडहर में तब्दील हो चुका है। चारों ओर मलबा बिखरा है और जलने की दुर्गंध फैली हुई है। लापता लोगों के परिजन अपने प्रियजनों की तलाश में दर-दर भटक रहे हैं।
अधिकारियों ने बताया कि बरामद 21 अवशेषों की पहचान के लिए डीएनए मैपिंग प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पहचान पूरी होने के बाद शवों को परिजनों को सौंपा जाएगा।
