नई दिल्ली, 29 जनवरी (दुर्ग भिलाई अपडेट)।
उत्तर भारत में सर्द मौसम का प्रकोप लगातार जारी है और एक बार फिर मौसम करवट लेने को तैयार है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 31 जनवरी से 2 फरवरी के बीच पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिसके असर से पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में बारिश देखने को मिलेगी।
दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में घने कोहरे और शीतलहर ने जनजीवन को प्रभावित कर रखा है। राजधानी दिल्ली में सुबह के समय घना कोहरा छा रहा है, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित हो रहा है। यहां न्यूनतम तापमान 8 से 10 डिग्री और अधिकतम तापमान 17 से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश के लखनऊ, नोएडा, सहारनपुर समेत कई जिलों में भी घना कोहरा और ठंड का असर बना हुआ है। पश्चिमी और मध्य यूपी में सुबह-शाम ठंड और कोहरा ज्यादा महसूस किया जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के भरमौर और पांगी क्षेत्रों में हिमस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। तीन स्थानों पर हुए हिमस्खलन में दुकानें और वाहन दब गए, हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई। मनाली और सोलंगनाला क्षेत्र में फंसे सैकड़ों पर्यटक वाहनों को पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षित बाहर निकाला।
उत्तराखंड में भी मौसम का असर साफ नजर आ रहा है। केदारनाथ धाम में तीन से चार फीट तक बर्फ जम गई है। आईटीबीपी और पुलिस के जवान छतों से बर्फ हटाने में जुटे हुए हैं। बर्फबारी के चलते राज्य के दो दर्जन से अधिक संपर्क मार्ग बाधित हो गए हैं, वहीं कई इलाकों में बिजली और पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई है।
जम्मू-कश्मीर में भारी बर्फबारी के बाद जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग को आंशिक रूप से खोल दिया गया है। श्रीनगर हवाई अड्डे से उड़ान सेवाएं भी मौसम साफ होते ही बहाल कर दी गईं। सोनमर्ग और गांदरबल इलाके में हिमस्खलन से संपत्ति को नुकसान पहुंचा है, हालांकि किसी की जान नहीं गई।
मौसम विभाग के अनुसार 1 फरवरी से उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर और आसपास के मैदानी इलाकों में बारिश हो सकती है। वहीं पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
