नई दिल्ली, 28 जनवरी (दुर्ग–भिलाई अपडेट)।
अभिनेत्री ममता कुलकर्णी ने किन्नर अखाड़ा के महामंडलेश्वर पद से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफे के बाद अब उनका अखाड़े से कोई आधिकारिक संबंध नहीं रह गया है। वह न तो पदाधिकारी हैं और न ही अखाड़े की सदस्य।
किन्नर अखाड़ा की आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने इस संबंध में एक वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने बताया कि अखाड़े के पदाधिकारियों के साथ विचार-विमर्श के बाद यह फैसला लिया गया। डॉ. त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि ज्योतिष पीठ और उससे जुड़े पुराने विवादों के कई ऐतिहासिक पहलू हैं, जिन पर अखाड़ा कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता।
इस्तीफे को लेकर ममता कुलकर्णी ने कहा कि उन्होंने स्वयं महामंडलेश्वर पद छोड़ने का निर्णय लिया है। उनका कहना है कि महामंडलेश्वर का पद वर्षों की साधना, तपस्या और कठोर आध्यात्मिक अनुशासन के बाद ही प्राप्त होता है।
ममता ने स्वीकार किया कि वे अभी इस पद के योग्य नहीं हैं। उन्होंने कहा, “सच्चा महंत या महामंडलेश्वर बनने के लिए लंबे समय तक ध्यान और तपस्या की आवश्यकता होती है। मैं अभी उन योग्यताओं पर खरी नहीं उतरती। अभी मुझे स्वयं को और भी साधना के मार्ग पर मुक्त करना है।”
गौरतलब है कि एक दिन पहले ही ममता कुलकर्णी ने बयान दिया था कि भगवा वस्त्र पहनना किसी का एजेंट होने का प्रमाण नहीं है, साथ ही उन्होंने संकेत दिए थे कि वह जल्द ही भगवा वस्त्र त्याग सकती हैं।
