नई दिल्ली, 28 जनवरी (दुर्ग–भिलाई अपडेट)।
महाराष्ट्र के पुणे जिले में बुधवार सुबह हुए भीषण विमान हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। इस दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत कुल पांच लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब विमान पुणे के बारामती क्षेत्र में उतरने की प्रक्रिया में था। अचानक संतुलन बिगड़ने के बाद विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। राहत और बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर अभियान चलाया, लेकिन किसी को बचाया नहीं जा सका।
हादसे की सूचना मिलते ही राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई। केंद्र और राज्य सरकार के कई वरिष्ठ नेताओं ने गहरा दुख जताया है। नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं और तकनीकी खराबी, मौसम तथा मानवीय चूक—सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है।
एक बार फिर उठे वीवीआईपी हवाई सुरक्षा पर सवाल
अजित पवार की इस दुर्घटना के बाद भारत में राजनीतिक नेताओं से जुड़े हवाई हादसों का लंबा और दुखद इतिहास एक बार फिर चर्चा में आ गया है। इससे पहले जून 2025 में अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया विमान हादसे में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की मौत ने देश को गहरे सदमे में डाल दिया था।
इन घटनाओं ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या वीआईपी और वीवीआईपी हवाई यात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त है, या इसमें और सख्त मानकों की जरूरत है।
हवाई हादसों में जान गंवाने वाले देश के प्रमुख नेता
संजय गांधी (23 जून 1980)
कांग्रेस नेता और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के पुत्र संजय गांधी की दिल्ली के सफदरजंग एयरपोर्ट के पास विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। वे स्वयं विमान उड़ा रहे थे। केवल 33 वर्ष की उम्र में उनका निधन भारतीय राजनीति के लिए बड़ा झटका माना गया।
माधवराव सिंधिया (30 सितंबर 2001)
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और ग्वालियर राजघराने के उत्तराधिकारी माधवराव सिंधिया की उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में निजी विमान दुर्घटना में मौत हो गई। वे कानपुर में एक राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे।
जी.एम.सी. बालयोगी (3 मार्च 2002)
लोकसभा के तत्कालीन अध्यक्ष जीएमसी बालयोगी की आंध्र प्रदेश में हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मृत्यु हो गई। यह हादसा पश्चिम गोदावरी जिले में हुआ था।
साइप्रियन संगमा (22 सितंबर 2004)
मेघालय सरकार के मंत्री साइप्रियन संगमा समेत 10 लोगों की पवन हंस हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई थी। हेलीकॉप्टर गुवाहाटी से शिलांग जा रहा था।
ओम प्रकाश जिंदल और सुरेंद्र सिंह (31 मार्च 2005)
हरियाणा सरकार के दो वरिष्ठ मंत्रियों की सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) में हेलीकॉप्टर क्रैश में जान चली गई थी।
वाई.एस. राजशेखर रेड्डी (2 सितंबर 2009)
आंध्र प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री वाई.एस. राजशेखर रेड्डी का हेलीकॉप्टर खराब मौसम के कारण जंगल क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। घटना के बाद पूरे राज्य में शोक घोषित किया गया था।
दोर्जे खांडू (30 अप्रैल 2011)
अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री दोर्जे खांडू की पवन हंस हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मृत्यु हुई। यह हादसा दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में हुआ था।
विजय रूपाणी (12 जून 2025)
गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता विजय रूपाणी की अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया फ्लाइट के दुर्घटनाग्रस्त होने से मौत हो गई। इस हादसे में बड़ी संख्या में यात्रियों की जान गई थी।
पुणे में हुए ताजा विमान हादसे ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि आधुनिक तकनीक के बावजूद हवाई यात्रा में जोखिम पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि वीआईपी उड़ानों के लिए सुरक्षा मानकों की पुनः समीक्षा और सख्त निगरानी समय की मांग है।
