रांची, 24 जनवरी (दुर्ग भिलाई अपडेट):
झारखंड के माओवादी प्रभावित सारंडा इलाके में सुरक्षा बलों ने दो दिन तक चले ऑपरेशन मेगाबुरू के दौरान बड़ी सफलता हासिल की है। सीआरपीएफ, झारखंड जगुआर, कोबरा बटालियन और जिला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक करोड़ रुपये के इनामी अनल समेत 17 हार्डकोर माओवादियों के शव बरामद किए गए हैं। इस अभियान से माओवादी नेटवर्क को भारी नुकसान पहुंचा है और सुरक्षा बलों का मनोबल बढ़ा है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार, झारखंड पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने मार्च 2026 तक राज्य से माओवाद के पूरी तरह खात्मे के लक्ष्य को लेकर अभियान और तेज कर दिया है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह कार्रवाई उस दिशा में एक निर्णायक कदम है।
इस व्यापक अभियान का नेतृत्व सीआरपीएफ के आईजी साकेत कुमार सिंह, झारखंड पुलिस के आईजी (अभियान) डॉ. माइकल राज एस., झारखंड जगुआर के आईजी अनूप बिरथरे और डीआईजी इंद्रजीत महथा कर रहे हैं। खुफिया एजेंसियों और स्पेशल ब्रांच से मिली जानकारी के मुताबिक, बचे हुए माओवादी पश्चिमी सिंहभूम जिले के छोटानागरा और किरीबुरू थाना क्षेत्रों की सीमा में सिमटे हुए हैं, जिनकी संख्या लगभग 45 बताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, इन माओवादियों की अगुवाई पोलित ब्यूरो सदस्य और एक करोड़ के इनामी मिसिर बेसरा उर्फ भास्कर/सुनिर्मल/सागर कर रहा है। संगठन में उसके बाद दूसरे नंबर पर सेंट्रल कमेटी सदस्य और एक करोड़ के इनामी असीम मंडल उर्फ आकाश/तिमिर का नाम सामने आया है।
आईईडी से बनाया सुरक्षा घेरा
खुफिया जानकारी के मुताबिक, घिरे हुए माओवादियों ने सुरक्षा बलों की घेराबंदी को तोड़ने के उद्देश्य से इलाके में आईईडी का सुरक्षा घेरा तैयार कर रखा है। माओवादी अत्याधुनिक हथियारों से लैस बताए जा रहे हैं, हालांकि सुरक्षा बल पूरी सतर्कता के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि आने वाले दिनों में माओवादियों के खिलाफ कार्रवाई और तेज की जाएगी तथा अभियान को निर्णायक अंजाम तक पहुंचाने की पूरी तैयारी है।
