नई दिल्ली, 14 जनवरी (दुर्ग भिलाई अपडेट)।
दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए कार ब्लास्ट मामले में राष्ट्रीय अन्वेषण एजेंसी (एनआईए) को बड़ी सफलता मिली है। पटियाला हाउस कोर्ट ने डॉक्टर शाहीन सईद, मुफ्ती इरफान अहमद, जासिर बिलाल वानी, डॉ. अदील अहमद और मुजम्मिल को तीन दिनों की एनआईए हिरासत में भेजने के आदेश दिए हैं।
एनआईए ने कोर्ट में दलील दी कि आरोपियों से गहन पूछताछ कर विस्फोट की साजिश, नेटवर्क और सहयोगियों का पता लगाया जाना जरूरी है। एजेंसी के अनुसार, जांच का फोकस यह जानने पर है कि विस्फोट की योजना कैसे बनाई गई, फंडिंग और विस्फोटक सामग्री की व्यवस्था किसने की और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे।
एनआईए को आशंका है कि यह आतंकी मॉड्यूल प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा हो सकता है। जांच के दौरान विदेशी हैंडलरों के संपर्क और अंतरराष्ट्रीय लिंक भी सामने आए हैं। एजेंसी केंद्रीय और राज्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर पूरे षड्यंत्र की परतें खोलने में जुटी है।
इससे पहले 5 जनवरी को भी पटियाला हाउस कोर्ट ने आरोपी यासिर अहमद डार की हिरासत बढ़ाते हुए उसे 16 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए थे। एनआईए ने बताया कि यासिर से पूछताछ में कई अहम सुराग मिले हैं।
एनआईए की जांच के अनुसार, 10 नवंबर को उमर-उन-नबी ने लाल किला इलाके में विस्फोटक से भरी कार चलाई थी और वही इस आतंकी हमले का मुख्य साजिशकर्ता था। इस भीषण विस्फोट में 15 लोगों की जान चली गई थी।
अब तक इस मामले में डॉ. मुजम्मिल गनई, डॉ. अदील राथेर, डॉ. शाहीन सईद सहित कुल नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। एजेंसी का कहना है कि आने वाले दिनों में जांच के दौरान और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
