कोलकाता, 23 नवंबर : पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर छिड़े विवाद के बीच नादिया जिले से एक दर्दनाक घटना सामने आई है। कृष्णानगर इलाके में ब्लॉक लेवल अधिकारी (BLO) रिंकू तरफदार ने आत्महत्या कर ली, जिसके बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस घटना पर शोक व्यक्त करते हुए SIR प्रक्रिया को तुरंत स्थगित करने की मांग की है।
सूत्रों के अनुसार, रिंकू तरफदार पैरा-टीचर थीं और उन्होंने कथित रूप से अपने सुसाइड नोट में चुनाव आयोग (ECI) को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया है। घटना के बाद तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि यह घटना प्रशासनिक तंत्र को झकझोर देने वाली है और बेहद व्यथित करने वाली है।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र और चुनाव आयोग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर इस प्रक्रिया के नाम पर कितनी जानें और ली जाएंगी। उन्होंने कहा कि SIR के दबाव ने हालात भयावह कर दिए हैं और अब इसे रोकना जरूरी हो गया है।
तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बीएलओ पर “अमानवीय दबाव, कड़े समय सीमा (डेडलाइन), छोटी गलतियों पर दंड का भय और लगातार निगरानी” जैसे हालात थोपे गए, जिससे रिंकू मानसिक रूप से टूट गईं। पार्टी ने कहा कि डिजिटल प्रक्रिया की जटिलता और रातभर काम की बाध्यता कर्मचारियों के लिए ‘मानसिक उत्पीड़न’ जैसा है।
टीएमसी ने भाजपा पर भी निशाना साधते हुए दावा किया कि मौजूदा हालात के लिए वही जिम्मेदार है। पार्टी ने एक बार फिर SIR प्रक्रिया को तुरंत समाप्त करने की मांग दोहराई है।
