सोनभद्र, 16 नवम्बर। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में देर रात हुए पहाड़ी धंसने के हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया गया है। आशंका है कि मलबे के नीचे कई लोग दबे हो सकते हैं। पुलिस, प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार बचाव अभियान में जुटी हुई हैं।
वाराणसी एडीजी जोन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी दी कि एडीजी पीयूष मोर्डिया ने घटना का संज्ञान लेकर खुद मौके पर पहुंचकर स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने वहां मौजूद अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली और राहत व बचाव कार्य को तेज करने के निर्देश दिए।
यह हादसा ओबरा थाना क्षेत्र के बिल्ली मारकुंडी खनन इलाके की रासपहाड़ी स्थित कृष्णा माइनिंग वर्क्स में हुआ। सूचना मिली कि पहाड़ी का बड़ा हिस्सा दरकने से कई मजदूर भारी पत्थरों और मलबे के नीचे दब गए। पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और रेस्क्यू कार्य शुरू किया।
सूत्रों के अनुसार इस दुर्घटना में अब तक दो लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि करीब 15 लोगों के फंसे होने की आशंका है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी मिर्जापुर से पहुंच गईं और राहत अभियान में जुटी हैं।
घटना की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी बीएन सिंह रात में ही घटनास्थल पर पहुंचे और कहा कि दबे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास लगातार जारी हैं। बचाव कार्य में मशीनरी और विशेषज्ञ टीमों की मदद ली जा रही है।
इसी दौरान समाज कल्याण राज्यमंत्री और स्थानीय विधायक संजीव कुमार गोंड भी घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने बताया कि प्रशासन और आपदा राहत टीमें युद्धस्तर पर काम कर रही हैं और मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
